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औद्योगिक नगरी बद्दी में लोगों की सेहत से खिलवाड़

Tue, 28 Feb 2017 10:47 PM IST
ब्यूरो, बद्दी सोलन
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बद्दी में नाले में फेंकी गई गंदगी। - फोटो : अमर उजाला
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अदालत की सख्ती के बावजूद बद्दी में प्रदूषण को लेकर तय नियमों की जमकर अवहेलना हो रही है। कंपनियों से निकलने वाला सॉलिड और लिक्वड वेस्ट नदी नालों में बहाया जा रहा है। इन मामलों को लेकर लोग कई बार शिकायतें भी की जा चुकी हैं।
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हैरत इस बात की है कि संबंधित विभाग सैंपल भरने और रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई करने की बात करते हैं। नियमों के मुताबिक कंपनियों से निकलने वाली किसी भी तरह की वेस्ट और इस्तेमाल पानी को नदियों तथा नालों में बहाना गलत है। ऐसे में कार्रवाई को लेकर रिपोर्ट के इंतजार का तर्क देना खुद ऐसे विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि सरकार की तरफ से उद्योगों से निकलने वाले लिक्वड पदार्थ को रिट्रीट करने के लिए सीईटीपी प्लांट स्थापित किया है।

नदी नालों में प्रदूषण को लेकर हिमाचल हाईकोर्ट ने कई निर्देश जारी किए हैं। लेकिन इसके बाद भी बीबीएन औद्योगिक एरिया में इसकी अनुपालना नहीं हो रही है। उद्योगों से निकलने वाला सालिड और लिक्वड वेस्ट को नदी-नालों में गिराया जा रहा है।
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बीबीएन की भटोलीकलां पंचायत के झाड़माजरी स्थित हिल टॉप रोड के साथ लगते नाले को तो कुछ उद्योगों ने एक तरह डंपिंग साइट ही बना डाला है। इसमें सालिड वेस्ट गिराया जा रहा है। उद्योगों के इस सॉलिड वेस्ट को जलाया भी दिया जाता है ताकि उसकी पहचान न हो सके। नाले की मौजूदा स्थित को देखकर लगता है कि काफी समय से कचरे को डंप किया जा रहा है।

प्रदूषण बोर्ड क्यों नहीं करता कार्रवाई
सवाल उठा है कि इस नाले में काफी समय से कचरे की गैर-कानूनी डंपिंग उद्योग कर रहे हैं। इसके बाद भी प्रदूषण बोर्ड अथवा अथवा अन्य संबंधित विभाग तथा पंचायत की ओर से इस पर सख्ती से कार्रवाई क्यों नहीं की गई है।

पंचायत की शिकायत पर भी एक्शन नहीं
भटोलीकलां पंचायत प्रधान सोनू देवी का कहना है कि नाले में कचरा गिराने को लेकर कई बार पुलिस व प्रदूषण बोर्ड में शिकायत की गई है। पंचायत अपने स्तर पर भी कार्रवाई कर चुकी है। इसके बावजूद उद्योगों द्वारा नाले में कचरा गिराया जा रहा है।

उद्योगों की पहचान कर होगा एक्शन
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एसडीओ अतुल परमार ने कहा कि मौके का मुआयना कर कचरा फैला रहे उद्योगों की पहचान की जाएगी। कोई भी उद्योग इस प्रकार नाले में कचरे को नहीं गिरा जा सकता है। ऐसे उद्योगों पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।

कचरे से बीमारी का खतरा
नाले के साथ दर्जनों प्रवासी झुग्गियों में रह रहे हैं। नाले में गिराये कचरे से इतनी अधिक दुर्गंध फैल रही है कि इससे प्रवासी कई तरह की बीमारियां फैलने के भी आसार हैं। ऐसे में संबंधित सरकारी एजेंसियों को मामले में जल्द कदम उठाने की जरूरत है।
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