कोठों और डमरोग पंचायत की अधिष्ठात्री मां देवी काली और ज्वाला के मंदिरों के ताले तोड़कर चोरों ने सामान और नगदी पर हाथ साफ कर दिया है। सुबह मंदिर के कपाट खोलने आए पुजारी ने मंदिरों के ताले टूटे पाए। इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस ने घटनास्थल का दौरा किया। वहीं लोगों के आस्था के प्रतीक मंदिरों में चोरी की वारदातों से लोगों में रोष है। लोगों ने पुलिस विभाग से शातिरों को शीघ्र पकड़ने की मांग की है। पुलिस ने चोरी का मुकदमा दर्जकर छानबीन शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक इसकी सूचना पुजारी संजू ने रविवार को पुलिस को दी। जानकारी के अनुसार डमरोग-बलाना क्षेत्र के कई परिवारों की यह कुल देवियां हैं। रविवार को अवकाश होने पर यहां काफी संख्या में लोग भी पहुंचते हैं। लेकिन रविवार सुबह पुजारी संजू पूजा के लिए मंदिर पहुंचा तो उसने मंदिर का ताला टूटा पाया और मंदिर से वहां पड़ा सामान तथा नगदी गायब पाई।
पुजारी ने इसकी सूचना तुरंत गांव वालों को दी। इसके बाद गांव के लोगों ने फोन के माध्यम से इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छानबीन शुरू कर दी। सोलन थाना के कार्यकारी प्रभारी रामनारायण ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि चोरों ने मंदिर का ताला तोड़कर नगदी और मंदिर की घंटियां तथा वहां पड़ा अन्य सामान चुरा लिया है। चोरी के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी।
कानून व्यवस्था हो कड़ी, बढ़े गश्त
कोठो पंचायत के उपप्रधान विकास ठाकुर, रामरत्न, रामकृष्ण, कमल ठाकुर, दिनेश, भीम सिंह, शीतल, अमित, रजत, अमर सिंह, समीर, अजय वर्मा और संदीप ने कहा कि आज तक कभी भी इन मंदिर में इस तरह की घटना नहीं हुई थी।
यह मंदिर लोगों की आस्था का प्रतीक हैं। लोगों ने मांग की है कि कुल देवी मंदिर में चोरी करने वाले शातिरों को जल्द गिरफ्तार किया जाए। साथ ही क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की मांग की है।
बढ़ने लगी चोरी की वारदातें
सोलन मेें चोर दिनोंदिन सक्रिय होते जा रहे हैं। हाल ही में सोलन आईटीआई के पास भी एक साथ दिनदिहाड़े तीन घरों के ताले चोरों ने तोड़ दिए थे। अब चोरों ने लोगों की आस्था से जुड़े मंदिरों में हाथ साफ करना शुरू कर दिया है। इससे पहले भी मंदिर शातिरों के निशाने पर रहे हैं। सोलन के मुख्य मंदिरों पर चोर हाथ साफ कर चुके हैं।
आपकी आवाज में उठा था मुद्दा
22 फरवरी को कोठो पंचायत में ‘अमर उजाला’ के आपकी आवाज कार्यक्रम में लोगों ने क्षेत्र में ढीली कानून व्यवस्था को लेकर प्रशासन और पुलिस विभाग को सतर्क किया था। साथ ही क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की मांग की थी। लोगों का तर्क था कि यहां नशे का कारोबार फलफूल रहा है। यातायात नियमों की भी अवहेलना हो रही है। ऐसे में चोरी की वारदातों का अंदेशा ग्रामीणों ने जताया था। नशेड़ियों पर शिकंजा कसने की मांग भी की थी। कानून व्यवस्था बेहतर करने की मांग को लेकर 24 फरवरी को एक प्रतिनिधिमंडल उपप्रधान की अध्यक्षता में एसपी सोलन से भी मिला था।
अब हुई मंदिर में चोरी की वारदातें
केस-1- ऐतिहासिक मलौण किले स्थित प्राचीन काली माता मंदिर मई में 2012 में चोरों ने माता के करीब 50 लाख रुपये के आभूषणों सहित अन्य सामान को चुरा लिया था। जनवरी माह में दोबारा इसी मंदिर को निशाना बनाया।
केस-2
2013 में खरूणी के समीप रौंतावाला स्थित शिव मंदिर को भी चोरों ने दो बार अपना निशाना बनाया। इस मंदिर में पहली बार चोरी की घटना को आसानी से चोरों ने अंजाम दिया था, लेकिन दूसरी बार चोरों ने मंदिर से सामान चुराया, वहीं मंदिर के तत्कालीन पुजारी सहित मंदिर की देखभाल करने वाले दंपति जोड़े शांति और उसके पति को बंधक बनाकर उनकी धुनाई तक कर डाली थी।
केस-3
नालागढ़ उपमंडल के मियांपुर स्थित राम मंदिर में नकाबपोश चोरों ने मंदिर में ठहरे लोगों को बंधक बनाकर लाखों की लूट को अंजाम दिया था। तारादेवी माता मंदिर को भी चोरों ने कई बार अपना निशाना बनाया है। 2013 को न्यू नालागढ़ स्थित शिव मंदिर से चोर दानपात्र ले उड़े, जिसे पास के खेतों में तोड़कर नकदी लेकर फरार हो गए थे।
केस-4
वर्ष 2014-15 के बीच शातिरों ने सोलन के शूलिनी पीठम मंदिर में दुर्गा मां की अष्टधातु की बनीं मूर्तियों पर हाथ साफ किया। लेकिन बाद में मूर्तियों समेत चोर पकड़ लिया गया। इसी तरह मालरोड पर दुर्गा मंदिर और हनुमान मंदिर में भी चोरी की वारदातें हुई हैं।