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शहर में बाउंसरों और दुकानदारों में झड़प

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अमर उजाला ब्यूरो
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सोलन। मालरोड पर रविवार को दिन दिहाड़े पंजाब से आए भाड़े के बाउंसरों व स्थानीय दुकानदारों के बीच हुई झड़प से माहौल तनावपूर्ण हो गया। करीब एक घंटे तक बाउंसर व दुकानदार आपस में उलझते रहे। इस दौरान लोगों का जमावड़ा सड़क पर लगा रहा। बाउंसर व दुकानदारों के बीच हो रही धक्कामुक्की व मारपीट का वीडियो कई लोगों ने अपने मोबाइल पर उतारा है। दुकानदारों ने एक बाउंसर को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। उसके अन्य साथी फरार होने में कामयाब रहे। इस मौके पर दुकानदार हर्ष सहगल ने बताया कि बाउंसरों ने उनकी भाभी के साथ छेड़छाड़ की और भाई के साथ मारपीट की है। जब उन्होंने रोकना चाहा तो इनमें से एक ने पिस्तौल निकाल ली। अचानक शोर मचने पर लोग एकत्र हो गए और भीड़ का फायदा उठाकर पांच बाउंसर भागने में कामयाब रहे, एक को उन्होंने पकड़ लिया। सभी बाउंसर पंजाब की एक सुरक्षा प्रदाता कंपनी से पंजीकृत बताए जा रहे हैं व इसे पुरानी रंजिश के चलते हुई घटना करार दिया जा रहा है। पुलिस ने इस मामले में सत्यम ज्वेलर के मालिक महेंद्र वर्मा, उनके बेटे व छह बाउंसरों के खिलाफ मारपीट व अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी सोलन डॉ. रविंद्र ने बताया कि पुलिस ने छेड़छाड़ व मारपीट की अलग-अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

बाउंसर न पकड़े तो आत्मदाह कर लूंगा : सहगल
घटना के बाद स्थानीय दुकानदार हर्ष सहगल ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि बाउंसरों ने उनकी भाभी से अश्लील हरकतें की और भाई से मारपीट की है। जिसे गंभीर हालत में क्षेत्रीय अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस को सही समय पर सूचना दे दी गई थी लेकिन पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। जिससे बाउंसर घटना को अंजाम तक पहुंचाने में कामयाब हो गए। उन्होंने कहा कि घटना को अंजाम देने के बाद फरार हुए बाउंसरों को समय रहते गिरफ्तार न किया गया तो वह उपायुुक्त कार्यालय के बाहर आत्मदाह कर लेंगे।
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जान से मारने की धमकी के बाद बुलाए थे बाउंसर : महेंद्र वर्मा
सत्यम ज्वेलर के मालिक महेंद्र वर्मा का कहना है कि उन्हें बार-बार जान से मारने की धमकी मिल रही थी। जिसके चलते उन्होंने पुलिस से सुरक्षा मांगी थी लेकिन पुलिस ने उन्हें सुरक्षा प्रदान नहीं की। जिसकी वजह से उन्हें पंजाब की कंपनी वोल्ज बाउंसर एंड सिक्योरिटी से खुद के लिए सुरक्षाकर्मी व बाउंसर मंगवाए थे। जिसमें एक पीएसओ और तीन बाउंसर शुक्रवार को आए थे। जिनका सदर थाना में पंजीकरण करवाया गया। दो अन्य बाउंसर शनिवार को आए। इनकी सूचना भी लिखित में पुलिस को दी गई थी। बाउंसर उनकी सुरक्षा के लिए थे न कि गुंडागर्दी या दहशत फैलाने के लिए।
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