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अस्पताल में एक ही दिन दो मौतों का मामला गरमाया

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सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में दो मरीजों की मौत का मामला तूल पकड़ गया है। भाजयुमो ने इस मसले को लेकर उपायुुक्त कार्यालय के बाहर अनशन शुरू कर दिया है। चेतावनी दी कि उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया तो सांकेतिक अनशन को आमरण अनशन में बदल दिया जाएगा। भाजयुमो कार्यकर्ता उपायुुक्त कार्यालय के बाहर आखिरी दम तक संघर्ष करते रहेंगे। वीरवार को भाजयुमो कार्यकर्ता अनशन पर बैठे और मामले की जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करने तथा आरोपी डॉक्टरों पर कार्रवाई करने की मांग की।
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भाजयुमो पदाधिकारियों ने सोलन अस्पताल में एक ही रेडियोलॉजिस्ट होने पर भी सवाल उठाए हैं। भाजयुमो ने चेतावनी दी कि जब तक मामले की पूरी जांच सार्वजनिक नहीं की जाती और अस्पताल के हालात नहीं सुधरते प्रदर्शन जारी रहेगा। भाजयुमो के महामंत्री मनोज ने बताया कि सोलन अस्पताल पर लाखों लोगों को उपचार देने का जिम्मा है। लेकिन यहां की व्यवस्था लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। मंडल प्रवक्ता डॉ. अभिमन्यु ने बताया कि बुजुर्गों और बच्चों की लिए बैठने की उचित व्यवस्था नहीं है, बुनियादी सेवाओं की बहाली और तकनीकी सेवाओं में वृद्धि, अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के प्रकरणों में जवाबदेही, आवश्यक अपेक्षित मात्रा में डॉक्टरों की नियुक्ति उनकी मुख्य मांगों में शामिल है।
उन्होंने कहा कि अस्पताल में दो लोगों की मौत हुई है। लेकिन इसमें अभी तक डॉक्टरों की लापरवाही या स्थानीय विधायक एवं मंत्री की तरफ से कोई जवाब नहीं आया है। मंडल अध्यक्ष मुकेश शर्मा ने बताया की अगर युवा मोर्चा की मांगों को अनसुना किया तो यह सांकेतिक अनशन कड़ी बद्ध अनशन और आगे आमरण अनशन का रूप ले लेगा। इस अनशन में भरत साहनी, हरजिंदर, अभिषेक, अभिषेक ठाकुर, मनोज ठाकुर, सुमित, नरेंद्र ठाकुर, सुनील ठाकुर, दिनेश और शैलेंदर गुप्ता शामिल रहे।
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भाजयुमो कर रही राजनीति : कांग्रेस
कांग्रेस के जिला अध्यक्ष राहुल ठाकुर ने बताया कि भाजयुमो मामले को बेवजह तूल देकर राजनीति का प्रयास कर रही है। अस्पताल में डॉक्टरों की तैनाती बारे मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से बात हो चुकी है। जल्द ही सोलन अस्पताल को नए डॉक्टर मिलने जा रहे हैं। इससे लोगों को राहत मिलेगी। रेडियोलॉजिस्ट समेत अन्य पदों को भी भरा जाएगा।

यह है पूरा मामला
पहली जुलाई को क्षेत्रीय अस्पताल में दो मरीजों की मौत पर परिजनों ने हंगामा किया था। मृतकों के परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया था। ौर एक ही दिन में दो मरीजों की अचानक मौत ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए थे। इसमें एक युवती को जहरीला पदार्थ निगलने के बाद अस्पताल लाया गया था। इसके परिजन उसे रेफर करने की मांग कर रहे थे लेकिन डॉक्टरों ने रेफर नहीं किया, बाद में उसकी मौत हो गई। इसी दिन एक अन्य युवक को अस्पताल लाया गया था जिसकी उपचार के दौरान मौत हो गई थी। हालांकि अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मरीजों का सही उपचार किया था।
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