बद्दी (सोलन)। औद्योगिक क्षेत्र बद्दी के संडोली में चाकलेट उद्योग मॉन्डलेज इंटरनेशनल लिमिटेड में मजदूर की मौत के बाद उपजा तनाव रविवार को भी शांत नहीं हुआ। निरंतर चलने वाले उद्योग में पिछले 24 घंटे से उत्पादन ठप पड़ा है। उद्योग पर ताला लटका है। रविवार को पुलिस का सख्त पहरा उद्योग के बाहर रहा। इस बीच पिछले 72 घंटे में कंपनी प्रबंधन व कर्मचारियों के बीच कोई वार्तालाप नहीं हुआ है। कंपनी ने अभी तक मृतक मजदूर के परिजनों को राहत राशि का भी एलान नहीं किया है। मजदूर पहले दिन से कंपनी से मृतक के परिजनों को एक करोड़ रुपये और परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी पर अड़े हैं।
रविवार को लगातार तीसरे दिन भी कंपनी में उत्पादन ठप रहा। मजदूर काम पर आए लेकिन कंपनी ने गेट पर पहली शिफ्ट न चलाने का नोटिस लगाया और उसके बाद दूसरी शिफ्ट के समय भी काम बंद रहेगा का नोटिस चिपका दिया। रविवार को आलम यह रहा कि तोड़फोड़ के डर, तनाव और रोष के कारण चॉकलेट कंपनी ने अपने कामगारों को लेने के लिए चंडीगढ़, पंचकूला, पिंजौर-कालका बसें नहीं भेजी। इससे कर्मचारी ड्यूटी के लिए समय पर नहीं पहुंच पाए। कुछ कर्मचारी किराया खर्च कर कंपनी पहुंचे तो कुछ निजी वाहनों का सहारा लेकर हरिपुर संडोली पहुंचे। कामगार यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि कैंटीन बंद होने से वह दोपहर का भोजन भी ग्रहण नहीं कर पाए और न ही कंपनी के निदेशकों ने स्पष्ट किया है कि उनकी मंशा क्या है।
एक घंटे वाष्प बंद रहा तो देेबारा शुरू होने में लगेगा महीना
कंपनी में वाष्प बनाने के लिए बने बॉयलर को चलाने वाले एक दर्जन कर्मी उद्योग पहुंचे। अगर यह बॉयलर एक घंटे के लिए भी बंद हो गया तो उसको पुन: चलाने के लिए कम से कम एक माह का समय लगता है। कंपनी में उत्पादन कब तक चालू होगी, इस पर संशय बरकरार है।
मजदूर के परिवार को एक करोड़, नौकरी दे कंपनी
कर्मचारी यूनियन कैडबरी के सदस्यों विशाल तिवारी, चंद्रकांत, हेमराज, मदन लाल, निर्मल, रामलाल, अर्जुन ठाकुर, मनोज गौतम, दिनेश कुमार व राजीव कुमार ने कहा कि उनके साथी रहे मिल्खी राम निवासी गांव बाहा तहसील सरकाघाट, मंडी के परिजनों को एक करोड़ रुपये मुआवजा और एक परिजन को कैडबरी उद्योग में नौकरी दी जाए।