सोलन। शहर से सटी डांगरी पंचायत के लोग इन दिनों तेंदुए के आतंक से खौफज़दा हैं। तेंदुआ दिन के समय ही घासनियों सहित घरों के आसपास घूम रहा है। इससे आम लोगों में दहशत है। हालांकि अभी तक तेंदुए ने किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया है लेकिन कई बार तेंदुआ महिलाओं पर झपट चुका है। इससे ग्रामीण अपने घर से घासनियों के लिए डर-डर के जा रहे हैं।
ग्रामीणों ने तेंदुए को पकड़ने की मांग की है ताकि वह इस क्षेत्र में कोई जानी नुकसान न करे। स्थानीय निवार्सी पिंकी, हेमंत शर्मा, मेहर चंद, सीता राम, संजीव कुमार, राम लाल, सुनील, चैन सिंह, रामेश्वर शर्मा, मुनीलाल, कमलेश और अन्य ग्रामीणों ने कहा कि डांगरी पंचायत के निचली और उपरली पाटी के दोनों गांवों में तेंदुआ दिन के समय ही अपने शिकार की तलाश में बैठा रहता है। लोगों ने बताया कि गांव की महिलाओं और अन्य लोगों का कई बार तेंदुए से आमना सामना हो चुका है। लेकिन लोगों के समूह को वह देख कर भाग जाता है। अकेली महिला को देखकर वह कई बार उन्हें अपना शिकार बनाने के लिए झपटा भी चुका है।
घासनियों में खतरनाक होता है तेंदुए का हमला
लोगों ने आजकल घासनियों में घास काटने का काम छेड़ रखा है। इसे लोग सर्दियों के लिए इकट्ठा करके रखते हैं। लेकिन तेंदुए के आतंक से लोग घासनियों में जाने से भी कतराने लगे हैं। डर इस बात का है कि घास बैठकर काटा जाता है ऐसे में तेंदुए पीछे से सीधे गर्दन पर हमला कर सकता है। ऐसी दशा में तेंदुए से एक अकेले आदमी का भिड़ना मुश्किल हो जाता है। राह चलता हुए व्यक्ति हाथ में अगर लाठी या दराती है तो वह आसानी से तेंदुए का मुकाबला कर सकता है। गांव के कई लोगों के पालतू कुत्तों को तेंदुआ अपना शिकार बना चुका है।