सोलन। जिला मुख्यालय में जिम प्रशिक्षक की सरेराह गोली मारकर हत्या करने के बाद पुलिस को सजग देखकर अंदाजा लगाया जा रहा था कि अब ऐसी वारदात नहीं होगी। पुलिस अलर्ट पर थी और चारों तरफ नाकेबंदी। सीमावर्ती इलाकों में पुलिस का पहरा भी बढ़ाया था। पुलिस ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए वैन लांच कर किरायेदारों की शिनाख्त भी शुरू करवा दी है। लेकिन यह पूरी कार्रवाई नालागढ़ में शुक्रवार देर रात हुए गोलीकांड के बाद धराशायी हो गई। पुलिस के इतने सख्त पहरे के बीच पांच हथियारबंद नकाबपोश रात को आसान शिकार ढूंढ रहे थे तथा वह कामयाब भी हो गए थे। लेकिन चौकीदार की होशियारी से यहां यह पूरा मामला खुल गया।
हैरानी इस बात की है कि जिला में पुलिस के हाई अलर्ट के बावजूद हथियारबंद लुटेरे खुलेआम एक शहर में घूमते रहे। नालागढ़ में जिस गाड़ी में लुटेरों का एनकाउंटर हुआ वो सुबह से घूम रही थी। गाड़ी पर मंडी और हमीरपुर जिलों की अलग-अलग नंबर प्लेट लगी थीं। गाड़ी के आगे अलग और पीछे अलग नंबर प्लेट थी। गंभीर रूप से घायल एक आरोपी जिला मंडी का रहने वाला है। ऐसे में पुलिस के पुख्ता प्रबंधों पर सवाल उठना लाजिमी है। यह गाड़ी नालागढ़ तक कैसे पहुंची किन रास्तों से होकर आरोपी गुजरे और इन आरोपियों ने पुलिस कोई नाका पार किया तो उन्हें रोका क्यों नहीं गया? जिला मुख्यालय में हुए गोलीकांड में दो आरोपी अभी फरार हैं। अब नालागढ़ में एनकाउंटर के दौरान तीन आरोपियों के हथियार लेकर पंजाब की तरफ भागने की बात कही जा रही है।
शामती गोलीकांड के दो आरोपी अभी फरार
जिला मुख्यालय के निकट शामती में सात अगस्त को देर शाम तीन लोगों ने जिम प्रशिक्षक की गोली मारकर हत्या कर दी थी। यह सभी आरोपी मौके से स्विफ्ट कार में सवार होकर फरार हुए और कुछ दूर गाड़ी खड़ी कर उसकी नंबर प्लेट लेकर फरार हो गए। पुलिस ने आरोपियों की शिनाख्त की और उनमें से एक को हरियाणा से गिरफ्तार भी कर लिया। लेकिन दो अन्य अभी फरार हैं। इनका पुलिस सुराग नहीं लगा पा रही है। फरार आरोपी पेशेवर थे और उन पर दिल्ली और हरियाणा में केस दर्ज हैं।
जल्द गिरफ्तार होंगे आरोपी : एसपी
एसपी मोहित चावला ने कहा कि पुलिस गोलीकांड में शामिल आरोपियों के बेहद करीब पहुंच चुकी है। फरार आरोपियों की धरपकड़ में पुलिस की टीमें दिल्ली और हरियाणा रवाना कर दी हैं। जल्द ही आरोपी पुलिस गिरफ्त में होंगे। किरायेदारों का पंजीकरण लोगों की सुरक्षा के लिए है जिसमें सभी शहरवासियों को भागीदार बनाना जरूरी है।