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धर्मनगरी में खाकी को बदनाम करते रहे पुलिसकर्मी

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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
हरिद्वार में खाकी कई बार बदनाम हो चुकी है। पहले भी कई बार पुलिसकर्मियों ने यात्रियों से लूटपाट की है। वर्दी के रौब में यात्रियों से पैसे छीने जाते हैं और जेल में डाल देने की धमकी दी जाती है।
मित्रता, सेवा और सुरक्षा की बात करने वाली पुलिस यात्रियों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पा रही है। शुक्रवार रात नेपाली मूल के यात्रियों के साथ पुलिसकर्मी द्वारा की गई लूटपाट इस बात का परिचय दे रही है। इससे पहले भी कई बार खाकी पर इस तरह के आरोप लग चुके है। चार साल पहले हुआ मामला अभी लोगों के जहन में है। जब दिल्ली से तीन करोड़ रुपये और करोड़ों का सोना चांदी चोरी कर आ रहे तीन चोरों को हरिद्वार पुलिस ने छोड़ दिया था। हरकी पैड़ी होटल में चेकिंग के दौरान पुलिसकर्मियों ने तीनों को पकड़ा था। एक करोड़ रुपये मित्र पुलिस ने अपने पास रख लिए और उनको बस अड्डे से बस में बैठा दिया। नेपाल बॉडर में चेकिंग के दौरान उनको पकड़ा गया तो मामले का खुलासा हुआ। दिल्ली पुलिस की नजर में हरिद्वार पुलिस की इमेज और गिर गई। जब पता चला कि पहले ही इन चारों को हरिद्वार में पकड़ा गया था। उस समय एक उपनिरीक्षक समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया था। हरिद्वार में खासकर नेपाली मूल के यात्रियों के साथ पुलिस इस तरह का व्यवहार करती है।
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कई अन्य पुलिसकर्मी की भूमिका भी संदिग्ध
शुक्रवार को हुई यात्रियों से लूट पर एक सिपाही को तत्काल निलंबित कर दिया गया है, लेकिन एसएसपी की नजर में कई अन्य पुलिसकर्मी इस घटना में संलिप्त हो सकते हैं। चौकी लाकर छोडना और 56 हजार रुपये छीनने में कई अन्य पुलिसकर्मी शामिल हो सकते है। पूरी रात मामले को निपटाने की कोशिश होती है। सवाल उठ रहा है कि आखिर पुलिसकर्मियों ने इस बात की जानकारी एसएसपी को नहीं दी। एसएसपी इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि आखिर किन किन पुलिसकर्मियों को मामले की जानकारी पहले से थी। एसएसपी कृष्ण कुमार वीके ने बताया कि मामले में संलिप्त पुलिसकर्मियों को बख्शा नहीं जाएगा।
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