कालका शिमला हाईवे पांच पर कुमारहट्टी प्लाईओवर के एक हिस्से में पड़ी दरारें।
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सोलन। निर्माण के दो से भी काम साल का वक्त बीता है और कालका-शिमला नेशनल हाईवे पांच पर कुमारहट्टी फ्लाईओवर के एक हिस्से में दरारें पड़नी शुरू हो गई हैं। साथ ही दीवारों से सीमेंट के अलावा मिट्टी की मेटलिंग के दौरान लगाई गई प्लेट भी बाहर निकल रहीं हैं। जो कभी भी फ्लाईओवर के किनारे बने स्लिप रोड को नुकसान पहुंचा सकती हैं। कथेड बाईपास पर भी स्लिप रोड पर दरारें आ गई है। फ्लाईओवर पर पड़ रही दरारों के बाद निर्माण कार्य में जुटी कंपनी की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई है। साथ ही निर्माण कार्य में प्रयोग किए मेटिरियल की गुणवत्ता पर भी प्रश्र खड़े हो गए हैं। पहले भी कई जगह सड़क पर दरारें पड़ चुकी हैं और टनल की सड़क भी 11 अगस्त को ढ़ह चुकी है।
जानकारी के अनुसार कुमारहट्टी फ्लाईओवर पर पेट्रोल पंप के समीप दरारें पड़ी हैं। यह सड़क पुल को जोड़ने के लिए मिट्टी से निर्माण की गई है। बारिश का पानी सड़क में जा रहा है। इसके बाद सड़क अपनी जगह छोड़ रही है। दरारें काफी गहरी होती जा है। हालांकि कुछ दरारों को फोरलेन निर्माता कंपनी ने भरा था, लेकिन भरी गई दरारें फिर उसी हालत में आ रही है। साथ ही एक जगह पर प्लेट पर मिट्टी का धक्का लगने से बाहर आ रही है।
बताया जा रहा है कि जिस जगह फ्लाईओवर पर दरारें आ रही है वहां पर स्लिप रोड का निर्माण हो रहा है। इसके चलते दरारें फ्लाईओवर पर आ रही है। इसी के साथ सोलन बाईपास पर पुलिस लाइन के समीप सर्विस लेन में बड़ी दरारें आ गई हैं और बारिश का पानी इसमें रिस रहा है।
गौर रहे कि बारिश के बाद शमलेच के समीप बड़ोग टनल को जा रही सड़क पूरी तरह से धंस गई थी। इसके बाद सड़क को बंद कर दिया गया था। कंपनी ने सड़क धंस जाने की अपने स्तर पर भी जांच करवाई। जिसमें सड़क के धसने का कारण बेसमेंट में अधिक मात्रा में पानी चला जाना पाया गया था।
उधर, फोरलेन निर्माता कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर बलविंद्र सिंह ने बताया कि कुमारहट्टी में पैट्रोल पंप की तरफ से जहां फ्लाईओवर शुरु होता है। वहां सर्विस लेन बनाई जानी है और इसके लिए कटिंग का कार्य चल रहा है। सोलन बाईपास पर सर्विस लेन में पड़ रही दरारों की उन्हें जानकारी नहीं है।
कथेड में लगा डंगा गिरा
सोलन बाईपास पर पुलिस लाइन के पास से कथेड़ को जाने वाली लोक निर्माण विभाग की सड़क पर भी फोरलेन निर्माता कंपनी ने डंगा लगाया था, लेकिन कुछ समय बाद ही यह ध्वस्त हो गया। यहां पर सड़क में दरारें पड़ी हैं और सड़क से वाहनों का गुजरना खतरे से खाली नहीं है।