कृषि विभाग ने बांटा है 449 क्विंटल बीज
सूखे से टमाटर, शिमला मिर्च की फसलें भी तवाह
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। मक्की की बिजाई के लिए सही समय चल रहा है और कृषि विभाग के पास मक्की बीज की पहली खेप पहुंच भी गई है, लेकिन अब किसान असमंजस में हैं कि बिजाई कैसे करें। पिछले लंबे समय से बारिश न होने के कारण जिले में सूखे की स्थिति बनी हुई है। किसान मक्की की बिजाई और सब्जियों की फसल को बचाने के लिए बारिश का इंतजार कर रहे हैं। यदि अभी आने वाले कुछ दिनों में बारिश नहीं होती तो सब्जियों की फसलों को भारी नुकसान पहुंच सकता है।
बता दें कि कृषि विभाग ने जिले से 1250 क्विंटल मक्की बीज की मांग निदेशालय को भेजी थी, जिसमें से 449 क्विंटल बीज की खेप पहुंच गई है। बारिश के बाद बची हुई मांग भी पूरी हो जाएगी। विभाग ने सभी कृषि केंद्रों पर बीज का वितरण भी शुरू कर दिया है, जिसमें 40 प्रतिशत अनुदान के साथ बीज प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा विभाग के पास मक्की के साथ चरी समेत बाजरा का बीज भी पहुंच गया है। जिले में 24 हजार हेक्टेयर मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों में मक्की की बिजाई की जाती है। मई के अंत से बिजाई कार्य भी शुरू हो जाता है। लेकिन अभी तक बारिश न होने के कारण बिजाई कार्य रुका पड़ा है। किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं। बारिश हो तो बिजाई कार्य भी शुरू हो।
उधर, कृषि उपनिदेशक डॉ. आरसी चौधरी ने बताया कि विभाग के पास बीज की सप्लाई आना शुरू हो गई है। सभी केंद्रों को बीज भेजा जा रहा है। जहां से किसानों को बीज वितरित किया जाएगा। जिले में बारिश के बाद बिजाई कार्य भी शुरू हो जाएगा। अभी सूखे के चलते बिजाई कार्य नहीं हो पा रहा है।