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पंचायतीराज और ग्रामीण विभाग का विलय मंजूर नहीं

Mon, 12 Dec 2016 10:30 PM IST
ब्यूरो, सोलन
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ग्राम विकास एवं पंचायत अधिकारी महासंघ की जिला इकाई ने पंचायतीराज तथा ग्रामीण विकास विभाग के विलय का विरोध किया है। - फोटो : Demo Pic
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ग्राम विकास एवं पंचायत अधिकारी महासंघ की जिला इकाई ने पंचायतीराज तथा ग्रामीण विकास विभाग के विलय का विरोध किया है। संघ का कहना है कि अगर ऐसा हुआ तो कर्मचारी अदालत का दरवाजा खटखटाने को मजबूर होंगे। पदाधिकारियों ने दावा किया कि दोनों विभागों से जुड़े अधिकांश कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए यह संशोधन हितकारी नहीं। लिहाजा सरकार से इस संशोधन को न मानने की गुहार लगाई है।
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महासंघ के प्रधान परसराम ठाकुर और महासचिव रामस्वरूप शर्मा ने दावा किया कि सरकार द्वारा लाई जा रही विलय की योजना का जिला सोलन के समस्त पंचायत सचिव विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि यह विभागों में कार्यरत अधिकांश कर्मचारियों के हित में नहीं है। बेशक चंद कर्मचारी निजी स्वार्थ के लिए सरकार के इस फैसले का समर्थन कर रहे हैं लेकिन संघ इसके हित में नहीं है।

ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से गांवों के विकास की करीब सभी योजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं। इस विभाग के अधीन कार्यरत खंड विकास अधिकारी तथा पंचायत सचिव और अन्य फील्ड कर्मचारी प्रभावित होंगे। वहीं विकास के कार्यों में भी निश्चित तौर पर अवरोध पैदा होगा। यही नहीं खंड विकास अधिकारी के पद का औचित्य लगभग समाप्त होने की संभावना जताई जा रही है।  महासंघ के महासचिव ने कहा की ग्रामीण विकास विभाग में कार्यरत पंचायत सचिव कभी भी पंचायतीराज विकास विभाग में कार्यरत पंचायत सहायकों के साथ विलय कभी भी स्वीकार नहीं करेंगे। सरकार विरोध के बावजूद अपने अड़ियल रुख पर कायम रहती है तो महासंघ न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगा।
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