सोलन। जिला अस्पताल में शनिवार को बेशक कोरोना वैक्सीन का सफल शुभारंभ हो गया लेकिन पहली वैक्सीनेशन को लेकर अस्पताल प्रबंधन और वालंटियर्स में समन्वय का अभाव देखने को मिला। टीकाकरण के लिए पहले एक रेडियोग्राफर का चयन किया गया था। उनके तैयार नहीं होने पर अस्पताल से एक चतुर्थ श्रेणी कर्मी को आगे कर दिया गया। बिना किसी काउंसिलिंग के चलते चतुर्थ श्रेणी कर्मी के चेहरे पर वैक्सीनेशन को लेकर एक अजीब खौफ देखा गया।
नतीजतन अस्पताल प्रबंधन के आगे समस्या खड़ी हो गई कि पहला टीका किसे लगाया जाए। इस बीच अस्पताल की प्रोजेक्ट ऑफिसर डॉ. शालिनी ने पहली वैक्सीन के लिए हामी भरी और सुबह 11 बजकर 4 मिनट पर उन्हें कोविड वैक्सीन की पहली डोज दी गई। हालांकि चतुर्थ कर्मी ने बाद में वैक्सीन लगवा ली। अमर उजाला से लाइव बातचीत में चेतराम ने कहा कि उन्हें अचानक टीके के लिए कहा गया। वह इसके लिए तैयार तो हैं लेकिन उन्हें डर है कि अगर उन्हें कुछ हुआ तो क्या होगा। उन्होंने कहा कि पहले चिकित्सक इसके लिए आगे आएं। वह बाद में टीका लगवाएंगे।
उधर, सीएमओ डॉ. राजन उप्पल ने कहा कि महिला चिकित्सक स्वेच्छा से वैक्सीनेशन के लिए आगे आई हैं। उन्होंने कहा कि यह वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है। किसी को घबराने की आवश्यकता नहीं।