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हिमाचल: सैन्य सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन हुए सब इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह, 10 वर्षीय बेटे ने दी मुखाग्नि

Thu, 01 Oct 2026 03:55 PM IST
Ankesh Dogra संवाद न्यूज एजेंसी, नालागढ़(सोलन)।

सार

नालागढ़ के लूणा गांव निवासी सीआईएसएफ सब इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह का वीरवार को पूर्ण सैन्य और राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। कठुआ में साथी जवान की गोलीबारी में हुई मौत में लक्ष्मण सिंह का पार्थिव शरीर सुबह उनके पैतृक गांव पहुंचा। सुबह करीब 9:30 बजे उनका अंतिम संस्कार हुआ। उनके 10 वर्षीय बेटे श्रेय ठाकुर ने मुखाग्नि दी। सीआईएसएफ और पुलिस की टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर शहीद को अंतिम सलामी दी। अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोग शामिल हुए और नम आंखों से वीर जवान को विदाई दी।
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सीआईएसएफ सब इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह को नम आंखों से दी गई विदाई। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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नालागढ़ उपमंडल की चिल्लड़ पंचायत के लूणा गांव निवासी सीआईएसएफ सब इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह वीरवार को सैन्य और राजकीय सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन हो गए। शहीद की अंतिम विदाई के दौरान पूरा गांव गमगीन रहा। सबसे भावुक पल तब आया, जब उनके 10 वर्षीय बड़े बेटे श्रेय ठाकुर ने पिता की चिता को मुखाग्नि दी। सुबह करीब 9:30 बजे शहीद का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। परिवार के साथ-साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण और पूर्व सैनिक शहीद को अंतिम विदाई देने पहुंचे।

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सुबह छह बजे गांव पहुंचा पार्थिव शरीर
शहीद लक्ष्मण सिंह का पार्थिव शरीर वीरवार सुबह करीब 6 बजे जम्मू के कठुआ से एंबुलेंस के जरिए उनके पैतृक गांव लूणा पहुंचा। सीआईएसएफ के सब इंस्पेक्टर केएवी कोलिन और मुख्य आरक्षी धर्मेंद्र कुमार के नेतृत्व में पहुंचे जवानों ने शहीद को अंतिम सलामी दी। इसके बाद पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई।

10 वर्षीय बेटे ने दी मुखाग्नि
शहीद लक्ष्मण सिंह की चिता को उनके 10 वर्षीय बड़े बेटे श्रेय ठाकुर ने मुखाग्नि दी। यह दृश्य देखकर अंतिम संस्कार में मौजूद लोगों की आंखें भर आईं। शहीद अपने पीछे पिता बलवीर सिंह, माता शांति देवी, पत्नी कमलेश कुमारी और दो मासूम बेटों को छोड़ गए हैं।

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कठुआ में ड्यूटी के दौरान हुए थे शहीद
सब इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह कठुआ के बसोहली क्षेत्र के माशका गांव में एक हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट की सुरक्षा में तैनात थे। दी गई जानकारी के अनुसार, क्यूआरटी की बी शिफ्ट में तैनात हेड कांस्टेबल अवधेश कुमार सिंह ने अपनी सर्विस एके-47 राइफल से फायरिंग की थी। इस घटना में लक्ष्मण सिंह के अलावा असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडे, कांस्टेबल रफीक अहमद और कांस्टेबल संदीप कुमार की भी मौत हुई थी। घटना के बाद घायलों को चंबा के खैरी स्थित एनएचपीसी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।

प्रशासन और पूर्व सैनिकों ने दी श्रद्धांजलि
अंतिम संस्कार के दौरान नागरिक प्रशासन की ओर से तहसीलदार रामशहर अभिषेक सिंह ठाकुर और नायब तहसीलदार राजेंद्र सिंह ठाकुर मौजूद रहे। पुलिस विभाग की ओर से रामशहर के एसआई बलवीर सिंह और हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र कुमार के नेतृत्व में 10 जवानों की टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर शहीद को अंतिम सलामी दी। बीबीएन पूर्व सैनिक लीग के पदाधिकारी, पूर्व सैनिक, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण भी अंतिम संस्कार में शामिल हुए।

नम आंखों से दी अंतिम विदाई
सीआईएसएफ सब इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह को अंतिम विदाई देने के लिए लूणा गांव में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। पूर्व सैनिकों और स्थानीय लोगों ने लक्ष्मण सिंह के बलिदान को नमन किया। अंतिम संस्कार के दौरान गांव का माहौल बेहद भावुक रहा। 10 वर्षीय बेटे द्वारा पिता को मुखाग्नि देने का दृश्य वहां मौजूद हर व्यक्ति को भावुक कर गया।
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