बच्चों को नहीं मिल पा रहा उपचार, परिजनों को सता रही चिंता
आपातस्थिति में बच्चों को एमएमयू ले जाने पर मजबूर हो रहे परिजन
मौसम बदलाव के चलते बढ़ रहे जुकाम, बुखार और खांसी के मामले
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। स्वास्थ्य मंत्री के गृह जनपद के क्षेत्रीय अस्पताल में डेढ़ माह से शिशु रोग विशेषज्ञ ही नहीं हैं। इसके चलते लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि तैनात शिशु रोग विशेषज्ञ बीमार होने के बाद से छुट्टी पर चल रहे हैं। ऐसे में यहां पर दूसरा कोई चिकित्सक प्रतिनियुक्ति पर भी तैनात नहीं किया गया है। इसका खामियाजा परिजनों को भुगतना पड़ रहा है और बीमारी के दौरान बच्चों को निजी क्लीनिकों में ले जाना पड़ रहा है। जिससे जेब का खर्च भी बढ़ जाता है। हैरत की बात तो यह है कि इस बारे स्वास्थ्य मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल को भी लोग कई बार बता चुके हैं। वहीं अस्पताल प्रशासन भी पत्र उच्चाधिकारियों को सौंप चुके हैं। इसके बावजूद अभी तक कोई शिशु रोग विशेषज्ञ नहीं आया है।
वहीं आपातस्थिति में आने वाले बीमारी से पीडि़त बच्चों को एमएमयू अस्पताल रेफर किया जा है। क्षेत्रीय अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ के न होने से वार्ड भी पूरी तरह खाली हो गया है और अब यहां पर किसी को भी भर्ती नहीं किया जा रहा है। इन दिनों मौसम में बदलाव के चलते जिले में बच्चे लगातार वायरल से पीडि़त हो रहे हैं।
बच्चों में ज्यादातर खांसी, जुकाम, बुखार, गला दर्द, पेट दर्द और टॉंसिल की शिकायतें आ रही हैं। इस वायरल से ठीक होने में बच्चों को एक सप्ताह से अधिक समय लग रहा है। कई बच्चे गंभीर अवस्था में इलाज के लिए भर्ती करने पड़ रहे हैं। लेकिन अस्पताल में आ रहे बच्चों को शिशु रोग विशेषज्ञ छुट्टी पर होने के चलते उपचार नहीं मिल रहा है। जिससे परिजनों को काफी मुश्किल हो रही है।
गौर रहे कि क्षेत्रीय अस्पताल जिले का बड़ा अस्पताल है। यहां पर सोलन ही नहीं बल्कि जिला शिमला और सिरमौर के कुछ क्षेत्रों से मरीज उपचार करवाने आते हैं। इन दिनों अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ न होने के चलते पीडि़त बच्चों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
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प्रशिक्षु चिकित्सकों के पास नहीं दिखा रहे लोग
क्षेत्रीय अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ ओपीडी में एमएमयू से आए प्रशिक्षु चिकित्सक तैनात किए गए हैं। लेकिन परिजन इन्हें बच्चों को दिखाने से कतरा रहे हैं। कुछ लोग ही अपने बच्चों को दिखा रहे हैं। इससे ओपीडी काफी कम हो गई है। वहीं लोग भी शिशु रोग विशेषज्ञ तैनात करने की मांग कर रहे हैं।
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क्षेत्रीय अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ बीमार होने के कारण छुट्टी पर चल रहे हैं। उच्चाधिकारियों को इस बारे बताया गया है और चिकित्सक को तैनात करने के लिए आग्रह किया गया है। उम्मीद है कि जल्द शिशु रोग विशेषज्ञ तैनात होंगे। फिलहाल के लिए ओपीडी में एमएमयू से आए प्रशिक्षु चिकित्सकों की सेवाएं ली जा रही है।
-डॉ. एसएल वर्मा
चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन