बीबीएन के खड्डों में खड़े होकर हजारों लोगों ने की पूजा
आतिशबाजी व घी दीयों से जगमगाए क्षेत्र के पूरे नाले
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी(सोलन)। उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही छठ पर्व का विश्राम हो गया। हजारों लोगों ने बीबीएन के खड्डों और नालों में खड़े हो कर सूर्य देवता की पूजा की। लोगों ने सुख समृद्धि की कामना की। व्रती श्रद्धालुओं ने पानी पीकर छठी मईया का उपवास खोला।
बद्दी के शीतलपुर, सनसिटी, बालद और सरसा नदी के किनारे हजारों लोगों ने छठ पूजा की। उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। सुबह चार बजे से ही बालद, सरसा, रता, चिकनी, बागवानियां के साथ के साथ लगते नालों के किनारे आतिशबाजी व घी के दीयों से पूरे नाले जगमगा उठे। छठी माता के जयकारों से पूरा बीबीएन गूंज उठा और नदियों में ऐसे लग रहा था जैसे दिवाली का पर्व हो। पटाखे व आतिशबाजी से पूरा आसमान रंगीन हो गया।
पूर्वांचल जन कल्याण समिति की ओर से सनसिटी के समीप भंडारा लगाया गया और भोजपुर कलाकार प्रियंका सिंह व सुनील चौबे ने भजन सुना कर लोगों का भरपूर मनोरंजन किया। बिहार राज्य के छपरा से विकास नंदन, अंबेदकर से श्रीदेवी, दरभंगा से लक्ष्मी कुमारी व मनोज तिवारी ने बताया कि इस व्रत में इतनी शक्ति होती है कि जो भी सच्चे मन से इसे करता है उसकी सभी मनोकामना पूरी होती हैं। संतान सुख के साथ-साथ सभी प्रकार के सुख छठी माईया अपने भक्तों को प्रदान करती हैं। इन लोगों ने बताया कि सरसा व बालद खड्ड का पानी दूषित हो गया है। उद्योगों का केमिकल युक्त पानी इसमें मिलने से इससे चमड़ी रोग लगने का खतरा रहता है। लगातार खनन सामग्री धोने से पानी में मिट्टी बहुत आती है जिससे लोगों को स्नान करने में भी दिक्कत हो रही है।
बद्दी के शीतलपुर गांव के समीप सरसा खड्?ड में उगते सूर्य को अर्घ्य देती हुई महिलाएं। संवाद