अर्की और दाड़लाघाट के दवा विक्रेताओं के लिए कार्यशाला का आयोजन
कहा- डाॅक्टर की पर्ची के बिना न द दवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
अर्की/दाड़लाघाट(सोलन)। नागरिक चिकित्सालय अर्की स्थित औषधि नियंत्रण कार्यालय में वीरवार को एक दिवसीय जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला अर्की और दाड़लाघाट क्षेत्र के दवा विक्रेताओं के लिए थी। इसका मुख्य उद्देश्य नशीली दवाओं के दुरुपयोग की रोकथाम और दवा बिक्री के नियमों से अवगत कराना था। औषधि निरीक्षक अर्की राकेश कौशल कार्यशाला में मौजूद रहे।
कौशल ने कहा कि समाज में बढ़ रहे नशे के दुष्प्रभावों को रोकने में दवा विक्रेताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने जोर दिया कि यदि दवा विक्रेता निर्धारित नियमों का पालन करें तो नशीले पदार्थों के दुरुपयोग पर अंकुश लगाया जा सकता है। उन्होंने एच-1 श्रेणी की दवाओं, नारकोटिक्स और नियंत्रित औषधियों की बिक्री के नियमों की जानकारी दी। कुछ विशेष प्रकार के कफ सिरप की बिक्री से संबंधित नियम भी बताए गए। कौशल ने स्पष्ट किया कि बिना चिकित्सकीय परामर्श या वैध पर्ची के ऐसी दवाओं की बिक्री से बचना चाहिए। सभी आवश्यक रिकॉर्ड का सही तरीके से रखरखाव करना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि कुछ कफ सिरप और अन्य दवाओं का गलत उपयोग युवाओं द्वारा नशे के रूप में किया जाता है। दवा विक्रेताओं को सतर्क रहते हुए केवल वास्तविक आवश्यकता वाले मरीजों को ही दवाएं उपलब्ध करवानी चाहिए। दवा भंडारण, बिक्री रजिस्टर और स्टॉक रिकॉर्ड के रखरखाव पर भी चर्चा हुई। सिरिंज और इंसुलिन सिरिंज जैसी चिकित्सकीय सामग्री की बिक्री में बरती जाने वाली सावधानियों पर भी बात हुई।
औषधि निरीक्षक राकेश कौशल ने दवा विक्रेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी भूमिका नशे के खिलाफ लड़ाई में अहम है। उन्होंने कहा कि नियमों का पालन कर दवा विक्रेता नशीले पदार्थों के दुरुपयोग को काफी हद तक रोक सकते हैं। कार्यशाला में एच-1 श्रेणी की दवाओं और नारकोटिक्स की बिक्री के विस्तृत नियम बताए गए। नियंत्रित औषधियों और कुछ कफ सिरप की बिक्री के संबंध में भी जानकारी दी गई। इन दवाओं का वितरण केवल वैध चिकित्सकीय पर्ची पर ही होना चाहिए।
बिक्री नियमों और रिकॉर्ड का महत्व
कौशल ने दवा विक्रेताओं को बिना चिकित्सकीय परामर्श के दवाएं न बेचने की सलाह दी। उन्होंने सभी बिक्री रिकॉर्ड और दस्तावेज का उचित रखरखाव अनिवार्य बताया। युवाओं द्वारा कफ सिरप के गलत उपयोग की शिकायतों पर भी ध्यान दिलाया गया। दवा विक्रेताओं को केवल वास्तविक आवश्यकता वाले मरीजों को ही दवाएं देने को कहा गया। दवा भंडारण, बिक्री रजिस्टर और स्टॉक रिकॉर्ड के सही प्रबंधन पर जोर दिया गया। कार्यशाला के दौरान दवा विक्रेताओं ने विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे। औषधि निरीक्षक ने उनके प्रश्नों का विस्तार से उत्तर दिया। दवा विक्रेताओं ने ऐसी कार्यशालाओं को नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उ