झाड़माजरी के एक दवा उद्योग से निकल रहा दूषित पानी- संवाद।
नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई बिजली-पानी काटने की चेतावनी
31 मार्च 2021 से बिना रिन्यूअल के रखा जा रहा था खतरनाक कचरा
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की मंजूरी के बिना ही लगा दिए अतिरिक्त बॉयलर और डीजी सेट
संवाद न्यूज एजेंसी
बरोटीवाला (सोलन)। प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के बद्दी क्षेत्रीय कार्यालय ने पर्यावरण नियमों की धज्जियां उड़ाने पर झाड़माजरी स्थित एक दवा कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जन शिकायत पर हुई इस औचक कार्रवाई में कंपनी के भीतर बेहद गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं, जिसके बाद बोर्ड ने सख्त रुख अपनाते हुए कंपनी को जवाब देने के लिए महज 3 दिन का समय दिया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर कंपनी को बंद करने और भारी जुर्माना लगाने की चेतावनी दी गई है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने 4 जुलाई को जब कंपनी परिसर का औचक निरीक्षण किया, तो वहां का नजारा चौंकाने वाला था। कंपनी ने चोरी-छिपे एक बाईपास पाइपलाइन लगा रखी थी, जिसके जरिए बिना ट्रीटमेंट (उपचार) किए ही फैक्टरी का केमिकल युक्त गंदा पानी (एफ्लुएंट) पास के नाले में बहाया जा रहा था। निरीक्षण के दौरान पाइपलाइन और नाले में इस जहरीले पानी के साफ निशान मिले हैं। बिना ट्रीट किया हुआ औद्योगिक अपशिष्ट सीधे प्राकृतिक नाले में छोड़ा जा रहा था। इसके अलावा ईटीपी प्लांट केवल दिखावे के लिए था, केमिकल डोजिंग कंटेनर खाली पड़े थे और वहां भारी गंदगी थी। इसके अलावा जानलेवा कचरे को बिना किसी सुरक्षा के खुले आसमान के नीचे फेंका गया था। रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि कंपनी का हैजार्डस वेस्ट ऑथराइजेशन 31 मार्च 2021 को ही खत्म हो चुका है और पिछले 5 सालों से इसका नवीनीकरण ही नहीं कराया गया। बारिश के पानी और फैक्टरी के गंदे पानी की निकासी के लिए अलग-अलग ड्रेनेज सिस्टम नहीं बनाया गया था।
इनसेट
होगी सख्त कार्रवाई
क्षेत्रीय अधिकारी एवं पर्यावरण अभियंता इंजीनियर अतुल परमार ने मामले की पुष्टि की है। जारी नोटिस के अनुसार, ये सभी कमियां जल एवं वायु अधिनियम का सीधा उल्लंघन हैं। यदि कंपनी 3 दिन में उचित जवाब नहीं देती है, तो जल अधिनियम की धारा और वायु अधिनियम की धारा के तहत उद्योग को तुरंत बंद करने के आदेश दिए जारी किए जाएंगे।