डीएमआर सोलन में पहुंची केंद्र की टीम विशेषज्ञों से मशरूम जर्मप्लाज्मा के संबंध में जानकारी लेते
जर्म प्लाज्म और विभिन्न मशरूम प्रजातियों का निरीक्षण कर वैज्ञानिकों को दिए दिशा-निर्देश
क्षेत्र में नए मशरूम उत्पादकों को जोड़ने और शोध में सुधार के लिए दिए सुझाव
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। राष्ट्रीय मशरूम मेले के आयोजन से पहले खुंब अनुसंधान निदेशालय चंबाघाट में केंद्रीय विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों की एक उच्चस्तरीय टीम ने दौरा किया। इस दौरान टीम ने संस्थान में चल रहे शोध कार्यों, जर्मप्लाज्म और मशरूम की विभिन्न प्रजातियों का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने विशेषज्ञों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
विशेषज्ञों की टीम ने वैज्ञानिकों को निर्देश दिए कि वे अधिक से अधिक नए ग्रोवरों को मशरूम उत्पादन से जोड़ें, ताकि किसानों की आय में वृद्धि हो सके। इसके साथ ही आगामी राष्ट्रीय मशरूम मेले की तैयारियों का भी जायजा लिया गया। बैठक के दौरान वर्ष 2025-26 के दौरान विभिन्न मशरूम प्रजातियों पर किए गए शोध कार्यों की समीक्षा की गई और वर्ष 2026-27 के लिए भविष्य के रोडमैप पर विस्तार से चर्चा हुई। समिति के सदस्यों ने शोध की गुणवत्ता और व्यावहारिक उपयोगिता में सुधार लाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। इस दौरे के दौरान डॉ. सुनील चंद्र दुबे, कुलपति, बीएयू रांची, डॉ. सुधाकर पांडे एडीजी बागवानी आईसीएआर नई दिल्ली, डॉ. राम कृष्ण पाल पूर्व निदेशक एनआरसी, डॉ. सुभाष चंद्र भारद्वाज एमेरिटस वैज्ञानिक आईआईडब्ल्यूबीआर शिमला, डॉ. दयाराम, सलाहकार आरपीसीएयू समस्तीपुर बिहार, रामदास शिंदे सीएमडी तिरुपति बालाजी मशरूम प्राइवेट लिमिटेड पुणे, डॉ. बीएल अत्री निदेशक आईसीएआर-डीएमआर सोलन, डॉ. सतीश कुमार प्रधान वैज्ञानिक एवं सदस्य सचिव समेत अन्य आईसीएआर-डीएमआर सोलन के सभी वरिष्ठ वैज्ञानिक मौजूद रहे।