अर्की (सोलन)। अर्की उपमंडल में तीसरा सीमेंट उद्योग लगाने की प्रक्रिया से हलचल शुरू हो गई है। कोरोना काल से पहले भी इस पर कई बार चर्चा हो चुकी हैं। अब 18 सितंबर को अर्की में एसडीएम विकास शुक्ला की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया जाएगा। इसमें स्थानीय कमेटी और कंपनी के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। अर्की मुख्यालय से करीब 10 किलोमीटर दूर देवरा में एसीएल कंपनी करीब 800 करोड़ की लागत से सीमेंट प्लांट लगाने जा रही है।
जानकारी के अनुसार उद्योग लगाने के लिए सरकार ने मंजूरी भी दे दी है। साथ ही वन विभाग की सभी औपचारिकताएं होने पर इनकी स्वीकृति मिलने की सूचना है। जल्द ही स्थानीय प्रशासन करीब 840 बीघा सरकारी भूमि सीमेंट प्लांट के लिए स्थानांतरित कर कर सकता है। हालांकि अभी इस उद्योग को शुरू करने के लिए निजी क्षेत्र की 455 बीघा जमीन का अधिग्रहण बाकी है। इसे लेकर कंपनी और ग्रामीणों में जमीन के रेट और उद्योग किस जगह स्थापित होना है, इसकी स्थिति स्पष्ट नहीं है। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत देवरा की आमसभा की बैठक से अपनी ओर से अनापत्ति प्रमाण पत्र कुछ शर्तों के साथ दिया था। इनमें कंपनी ग्रामीणों को उनकी भूमि का रेट उनके मुताबिक देने, प्लांट की स्थिति स्पष्ट करने जैसे मुद्दे शामिल हैं।
550 ट्रक करेंगे माल ढुलाई
उद्योग के लगने के बाद यहां करीब 550 ट्रक माल ढुलाई करेंगे। इससे क्षेत्र के युवाओं को रोजगार मिलेगा। अगर देवरा में यह उद्योग लगता है तो ध्वनि और वायु प्रदूषण के साथ पर्यावरण के लिए भी एक बड़ा खतरा बन सकता है। पहले ही उपमंडल में दो बड़े उद्योग के होने से पर्यावरण में परिवर्तन देखने को मिल रहा है।
निजी भूमि के रेट पर होगी चर्चा
एसडीएम अर्की विकास शुक्ला ने कहा कि देवरा में करीब 800 करोड़ की लागत से सीमेंट उद्योग लगना प्रस्तावित है। इस बारे में 18 सितंबर को बैठक होगी जिसमें भूमि के रेट सहित अन्य मसलों पर चर्चा होगी।