सुबाथू (सोलन)। छावनी परिषद सुबाथू के एक भवन में रखे घरेलू सिलिंडर में अचानक आग भड़कने से छावनी परिषद में अफरातफरी मच गई। इसकी सूचना छावनी परिषद और पुलिस को दी गई। इसके बाद स्थानीय लोगों, परिषद कर्मचारियों सहित पुलिस के सहयोग से आग पर काबू पाया गया। आग लगे सिलेंडर को भवन से बाहर निकालते समय एक पुलिस जवान का हाथ भी झुलस गया। हालांकि, पुलिस जवान की बहादुरी से बड़ा हादसा टल गया और साथ लगते लकड़ी के करीब आधा दर्जन भवनों को भी बचा लिया गया।
जानकारी के अनुसार, छावनी परिषद सुबाथू के कश्मीरी मोहल्ले में नरेंद्र कुमार के मकान में गैस सिलिंडर के रेगुलेटर में लीकेज होने से आग लग गई। इसके बाद घर के सदस्य चिल्लाने लगे। उनके चिल्लाने की आवाज सुनते ही स्थानीय लोग एकत्रित हो गए। इस दौरान पूरे क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल बन गया। इसकी सूचना छावनी परिषद और पुलिस को दी गई। दोनों टीमों ने मौके पर पहुंच कर आग पर काबू पाया। कांस्टेबल दिनेश कुमार ने बहादुरी का परिचय देते हुए आग के बावजूद जलते हुए सिलिंडर को घर से बाहर निकालकर रेत से बुझाया। इस दौरान आग की लपटों से जवान की बाजू भी झुलसी है। उसे स्थानीय अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया। वहीं आग से परिवार सदस्यों के कपड़े, बिस्तर, पंखा और छत को नुकसान हुआ है।
उधर, एसएचओ धर्मपुर दयाराम ठाकुर ने मामले की पुष्टि कर बताया कि पुलिस जांच कर रही है। वहीं आग से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
हादसे ने खोली छावनी परिषद में व्यवस्थाओं की पोल
छावनी परिषद की आपात स्थिति में आग पर काबू पाने वाली फायर हाइड्रेंट सुविधा की पोल भी खुल गई। मकान में आग का हल्ला मचते ही स्थानीय लोगों, छावनी कर्मचारियों और पुलिस जवानों ने आग पर काबू पाया। लोगों का कहना है कि छावनी परिषद की बोर्ड बैठक में पास प्रस्ताव मात्र कागजों तक सीमित हैं। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले ही छावनी परिषद ने सुबाथू की तंग गलियों में आग पर काबू पाने वाली बाइक फायर ब्रिगेड सुविधा देने का प्रस्ताव रखा था लेकिन इस प्रस्ताव को जमीनी स्तर पर उतारने में आज भी परिषद नाकाम है। छावनी उपाध्यक्ष अनिल गुप्ता ने बताया कि बोर्ड में बाइक फायर ब्रिगेड लाने का प्रस्ताव पास किया था लेकिन यह सुविधा नहीं मिली है। उन्होंने कहा रविवार को आग की घटना पर काबू पाने के लिए पुलिस कांस्टेबल दिनेश कुमार ने बहादुरी का परिचय दिया है।