उपायुक्त कार्यालय सभागार में दिया गया प्रशिक्षण
कहा चुनावों में सतर्क होकर किया जाना चाहिए कार्य
सभी प्रकार की चीजों का रखा जाए ऑनलाइन रिकॉर्ड
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। लोकसभा चुनाव को लेकर अतिरिक्त व्यय पर्यवेक्षकों को सी-विजिल और चुनाव जब्ती प्रबंधन प्रणाली एप के बारे में जानकारी दी गई। इसके लिए उपायुक्त कार्यालय में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला हुई, जिसमें जिला निर्वाचन अधिकारी और उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने अध्यक्षता की।
उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान प्रतिनियुक्त नोडल अधिकारी विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा किए गए व्यय की निगरानी, कानूनी प्रावधान, जब्त करने की प्रक्रिया और कार्यवाही के बारे में सजग होकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि चुनाव में पारदर्शिता बढ़ाने और प्रत्याशियों और उनके समर्थकों पर निगरानी रखने के लिए भारत के चुनाव आयोग की ओर से चुनावी जब्ती प्रबंधन प्रणाली (ईएसएमएस) एप चलाया गया है। उन्होंने कहा कि यह एप निर्धारित समयावधि में जब्ती की रिपोर्ट देने के लिए बनाया गया है। आदर्श आचार संहिता के दौरान उड़नदस्ता टीम व स्टेटिक निगरानी टीम द्वारा नकदी, मादक पदार्थ, हथियार इत्यादि की जब्ती का ऑनलाइन रिकॉर्ड भी रखा जाएगा ताकि कार्यवाही करने में सुगमता हो सके। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता को बढ़ाने के लिए ईएसएमएस एप का उपयोग करना सुनिश्चित बनाएं ताकि लोकसभा चुनाव को स्वतंत्र व निष्पक्ष पूर्ण किया जा सके।
उन्होंने कहा कि सी-विजिल एप के माध्यम से आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध की गई शिकायतों पर त्वरित कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि सी-विजिल एप के माध्यम से नागरिकों को चुनाव के दौरान रिश्वत, मुफ्त उपहार, मादक पदार्थ वितरण, अनुमति समय से अधिक देर तक लाउडस्पीकर बजाने जैसे आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के मामलों की शिकायत कर सकते हैं। सी-विजिल एप के माध्यम से चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित होगी। इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त सोलन अजय कुमार यादव, तहसीलदार निर्वाचन सोलन ऊषा चौहान, नायब तहसीलदार दीवान सिंह ठाकुर सहित अतिरिक्त व्यय पर्यवेक्षक मौजूद रहे।