प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बिलासपुर दौरे को लेकर पूरे जिले से 214 एचआरटीसी और निजी बसें कार्यकर्ताओं को लाने-जाने के लिए बुक रहीं। इसके चलते जिला में अधिकतर लोकल रूट प्रभावित रहे। बसें कम होने के कारण दिनभर मुसाफिर भटकते रहे। अधिक परेशानी ग्रामीण क्षेत्र के रूटों पर हुई, जहां केवल एक या दो बसें ही चलती हैं। यात्रियों को बस स्टॉप पर कई घंटे खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ा। हालांकि कुछ रूट पर निजी बसें सुचारु रूप से चलीं, लेकिन इनमें भीड़ रही।
दशहरा पर्व के चलते भी बसें ओवरलोड रहीं। परवाणू में लांग रूट प्रभावित होने क ी वजह से यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हरियाणा और पंजाब रोडवेज की बसें लोगों का सहारा बनीं। छुट्टी होने के कारण स्कूल और कॉलेज के बच्चे परेशान नहीं हुए। बता दें कि रैली के लिए जिला के सोलन, परवाणू और नालागढ़ डिपो से बसें बुक रहीं। वहीं बुधवार सुबह भी लोग बसें न मिलने से काफी परेशान हुए। इसमें 164 परिवहन निगम और 50 निजी बसें शामिल हैं।
अलग-अलग डिपो से बसें रहीं बुक
सोलन डिपो से 67 बसें, नालागढ़ से 77 बसें कार्यक्रम को लेकर बुक रहीं। परवाणू डिपो की 20 बसों ने कार्यकर्ताओं को बिलासपुर पहुंचाया। 50 निजी बसें भी कार्यकर्ताओं को लेकर बिलासपुर गईं।
दशहरा खत्म होने के बाद खली बसों की कमी
दशहरा पर्व खत्म होने के बाद लोगों को घर जाना मुश्किल हो गया। महंगे दामों पर निजी गाड़ियां बुक कर लोग घर पहुंचे। जिला मुख्यालय के नए बस स्टैंड समेत पुराने बस स्टैंड और दोहरी दीवाल के पास भीड़ शाम तक उमड़ी और लोग बसों के इंतजार में खड़े रहे।