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अस्पताल में व्यवस्था कमजोर, भाजपा ने बोला हल्ला

Mon, 02 May 2016 10:18 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन
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अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की खस्ताहाल पर भाजपा सोलन ने सोमवार को अस्पताल गेट के पास प्रदर्शन किया। मरीजों को चिकित्सा सुविधाओं की दरकार को राज्य सरकार की नाकामी बताया गया। उग्र भाजपाइयों ने पुलिस की मौजूदगी में स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री एवं स्थानीय विधायक धनी राम शांडिल का पुतला फूंका। धरना प्रदर्शन करते हुए कार्यकर्ता सीएमओ कार्यालय पहुंचे। जहां मुख्य चिकित्सा अधिकारी के माध्यम से सीएम को ज्ञापन सौंपा गया।
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प्रदर्शन में लोकेश्वर शर्मा, पवन गुप्ता, रीतू सेठी, कुमारी शीला, शैंलेंद्र गुप्ता, मदन ठाकुर, धर्मेंद्र ठाकुर, अमर सिंह ठाकु र, कमला वर्मा, चंद्रकांत, मनीष, कमला शर्मा, सोमा ठाकुर, जयदेव शर्मा, तीर्थानंद, कमलेश, मुकेश वर्मा, सोना नाहर, स्वाती, अकरम, वीना गुरंग, सुषमा शर्मा, तरसेम भारती, हितेंद्र कुमार, आदित्य बनयाल, बादल नाहर, भरत साहनी, मुकेश शर्मा, शिवम मित्तल, अभिषेक, संजय मलिक, रामेश्वर, लक्ष्मी, माया राम, राजू राम, नंद लाल, मुकेश गुप्ता, पंकज शर्मा, योगिंद्र वर्मा, विद्या देवी, मीना सिंघल आदि मौजूद रहे।  भाजपा सोलन मंडल आपसे मांग उठाई कि सोलन अस्पताल में जल्द से जल्द चिकित्सकों व अन्य स्टाफ के रिक्त पड़े पदों को भरा जाए।

डॉक्टरों का स्थानांतरण क्यों?
मंडल वक्ताओं ने कहा कि कई वर्षों से क्षेत्रीय अस्पताल सोलन की व्यवस्था सुचारु रूप से नहीं चल रही। एक माह में सोलन अस्पताल से अधिकतर विशेषज्ञ डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों का स्थानांतरण हुआ है और उनकी जगह रिक्त पड़े पदों को नहीं भरा जा रहा है। इस कारण यहां स्थिति विकराल रूप धारण करती जा रही है। इस समय सोलन अस्पताल में मात्रा 12 चिकित्सक हैं। भाजपा ने सवाल उठाए की सोलन अस्पताल से स्थानांतरण आखिर क्यों हो रहे हैं?
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200 बिस्तरों के अस्पताल में सुविधाएं नहीं
सोलन अस्पताल को 200 बिस्तरों का दर्जा दिया गया है। लेकिन न तो अतिरिक्त स्टाफ और न ही डॉक्टरों की नियुक्ति यहां पर की गई, उल्टे यहां से अधिकतर विशेषज्ञ डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों का स्थानांतरण कर दिया है। पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में सोलन अस्पताल 100 बिस्तरों का था और यहां पर कुल 32 डॉक्टर तैनात थे। आज 200 बिस्तर का अस्पताल होने के कारण यहां पर कम से कम 50 डॉक्टरों का होना जरूरी है। यहां खाली हुए डॉक्टरों और कर्मचारियों के विभिन्न पदों को अभी तक नहीं भरा गया है। इस कारण मरीजों और उनके तीमारदारों को परेशान होना पड़ रहा है।

तीन जिला के आते हैं मरीज
क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में जिला सोलन, शिमला और सिरमौर जिला के मरीज अपने स्वास्थ्य लाभ के लिए आते हैं, लेकिन आज यहां डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों के स्टाफ की कमी के कारण उन्हें बिना इलाज के वापस जाना पड़ता है या प्राइवेट क्लीनिकों में अपना इलाज करवाने के लिए विवश होना पड़ रहा है। इस कारण उन्हें आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ रहा है।
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