भारतीय मजदूर संघ के पूर्व जिला अध्यक्ष जोगिंद्र डोगरा के हिंद मजदूर सभा में शामिल होने के बाद बीबीएन में दोनों मजदूर यूनियनों में वर्चस्व की जंग तेज हो गई है।
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भारतीय मजदूर संघ के पूर्व जिला अध्यक्ष जोगिंद्र डोगरा के हिंद मजदूर सभा में शामिल होने के बाद बीबीएन में दोनों मजदूर यूनियनों में वर्चस्व की जंग तेज हो गई है। जोगिंद्र के हिंद मजदूर सभा में शामिल होने के वक्त सभा के प्रदेश अध्यक्ष मेला राम चंदेल और जिला महासचिव राजू भारद्वाज भी मौजूद रहे।
हिंद मजदूर सभा के जिला उपाध्यक्ष नरेश कप्पा ने बताया कि बुधवार को इसका ऐलान कर दिया है। चंदेल ने कहा कि हिंद मजदूर सभा द्वारा कामगारों के हितों में किए जाने वाले कार्यों का ही परिणाम है कि अन्य मजदूर सभाओं के निष्ठावान कार्यकर्ता हिंद मजदूर सभा में शामिल हो रहे हैं। डोगरा की एंट्री के तत्काल बाद उन्हें हिंद मजदूर सभा के बीबीएन मंडल का अध्यक्ष भी बना दिया गया। इस मौके पर उपाध्यक्ष अवतार सिंह, नरेश कुमार, सोहन लाल डोगरा, ममता देवी, निर्मला, शीला, विजय कुमार, रानी, अश्वनी कुमार, निर्मल सिंह समेत अनेक लोग मौजूद रहे। वहीं भामसं ने डोगरा को निष्क्रिय फेक्टर करार दिया है। कहा कि इससे इससे संघ को किसी तरह से कोई क्षति नहीं होगी।
भामंस में नहीं था स्वतंत्र : डोगरा
नवनियुक्त मंडल अध्यक्ष जोगिंद्र डोगरा ने कहा कि भारतीय मजदूर संघ में उन्हें स्वतंत्र रूप से मजदूरों के हितों में कार्य करने का मौका नहीं मिल रहा था। इसके चलते उन्होंने हिंद मजदूर सभा का दामन थाम है।
डोगरा का भामसं से नहीं कोई नाता : गोपाल
भामसं के जिला अध्यक्ष गोपाल चौधरी ने कहा कि जोगिंद्र डोगरा काफी समय से संगठन में कोई कार्य नहीं कर रहे थे। उनका भामसं से कोई नाता नहीं है। उन्होंने कहा कि वो ऐसे संगठन में शामिल होने की बात कर रहे हैं जिनका प्रदेश में पंजीकरण तक नहीं है। कहा कि भामसं एक राष्ट्रीय स्तर का संगठन है और देश का सबसे बड़ा संगठन है। उन्होेंने कहा कि जो व्यक्ति ऐसे संगठन में कार्य नहीं कर सकता वो अन्य संगठनों में कामगारों की क्या सेवा करेगा?