बताया बार-बार लग रहे कट, लाखों का हो रहा नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी(सोलन)। विद्युत कट से परेशान बीबीएन के उद्योगपतियों ने रोष जताया है। उद्योगपतियों की माने तो विद्युत कट से उन्हें रोजाना लाखों रुपये का नुकसान झेलना पड़ा है। समय पर उद्योगों में माल तैयार नहीं हो पा रहा है। जिससे भी उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने मांग की है कि लग रहे विद्युत कट का समाधान जल्द से जल्द किया जाए।
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दवा उत्पादन प्रक्रिया हो रही बाधित
हिमाचल के दवा निर्माता संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजेश गुप्ता ने बताया कि देश भर के लिए दवा उत्पादन करने वाला बद्दी इन दिनों बिजली कटों से परेशान है। इन दिनों दवा की खपत काफी अधिक होती है और उद्योगों पर उत्पादन क्षमता बढ़ाने का दबाव होता है। ऐसे में अब उन्हें एक ही दिन में कई बार कटों का सामना करना पड़ रहा है। इससे दवा उद्योग दवा उत्पादन की प्रक्रिया को सुचारू रूप से नहीं चल पा रहे हैं।
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गत्ते का उत्पादन हो रहा प्रभावित
गत्ता उद्योग संघ के महासचिव अशोक राणा ने कहा कि प्रदेश में गत्ते की मांग बढ़ रही है। ऐसे में अब सेब सीजन भी जल्द ही आने वाला है। इन दिनों उद्योगों में गत्ता तैयार करने का प्रेशर है, लेकिन बिजली के कटों से मशीनें ठंडी पड़ रही हैं। दिन में बिजली के कई बार कट लगाए जा रहे हैं। इससे गत्ते को हीट देने वाली मशीनों में हीट का तापमान सेट नहीं हो पा रहा है और लाइनों पर चल रहा गत्ता बार-बार खराब हो रहा है। इस नुकसान की भरपाई उद्योग मालिकों को अपनी जेब से करनी पड़ रही है।
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कटों से प्लास्टिक उद्योगों पर पड़ा रहा असर
टाइम टेक्नोप्लास्ट कंपनी के निदेशक संजीव शर्मा ने बताया कि प्लास्टिक से जुडे उद्योगों पर बिजली कटों का विपरीत असर पड़ रहा है। प्लास्टिक के कारखानों में 24 घंटे की प्रक्रिया चलती है। लेकिन बार-बार बिजली कटों से मशीनों पर चल रहा कच्चा माल जो पिघली अवस्था में होता है वो जम जाता है और खराब हो जाता है। इससे उद्योगों को बड़े स्तर पर नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। सरकार को जल्द से जल्द औद्योगिक क्षेत्र को सुचारू रूप से बिजली आपूर्ति करनी चाहिए, ताकि उद्यमी उत्साह के साथ यहां काम कर सकें।
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कटो से धागा उद्योग मालिक भी परेशान
सिद्धार्था सुपर स्पिनिंग मिल के राम गोपाल अग्रवाल ने बताया कि धागा मिलों पर बिजली कटों का विपरीत असर पड़ रहा है। धागा मिलों में कपड़ा व धागा तैयार किया जाता है, लेकिन बार-बार बिजली कटों से मशीनों पर चल रहा माल डिफेक्टिड़ हो रहा है। इससे उद्योगों को बड़े स्तर पर नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। वहीं जब बड़ा कट लगाया जाता है तो उद्योग जेनरेटर पर चलाना मुश्किल हो रहा है।
संजीव शर्मा। संवाद
संजीव शर्मा। संवाद
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