कृषि कारोबार को आधुनिकता के साथ जोड़ने के दावे कर रही प्रदेश सरकार की ग्रामीण सब्जी मंडी बनलगी बर्बाद होने की कगार पर है। फल और सब्जियों के इस सीजन में जहां प्रदेश की हर मंडी में करोड़ों का कारोबार हो रहा है, वहीं दून विधानसभा क्षेत्र की दाड़वा पंचायत में 40 लाख से बनी बनलगी सब्जी मंडी सुनसान पड़ी है।
चार साल पहले बनकर तैयार हुई इस मंडी की हालत बिना कारोबार के खस्ता हो चुकी है। हालत यह है कि लाखों की लागत की इस छह बूथों की मंडी के रखरखाव के लिए एक चौकीदार तक तैनात नहीं किया है। दाड़वा पंचायत प्रधान ममता गुप्ता, पूर्व प्रधान पूर्ण चंद, कृष्णगढ़ पंचायत प्रधान रामनाथ, उपप्रधान पवन कुमार, जगजीत नगर पूर्व प्रधान गोपाल ठाकुर, पूर्व जिप सदस्य जय सिंह ठाकुर, किसान राजेंद्र कुमार, लेखराम, राजेश, सोहन लाल, वीर सिंह, धर्म सागर, दान सिंह, प्रकाश, केशव राम और श्याम लाल ने कहा कि सरकार को दोबारा इस मंडी को चलाना चाहिए।
लोगों का कहना है कि मंडी शुरू होती है तो क्षेत्र की 12 पंचायतों के किसानों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि 40 लाख से निर्मित इस मंडी को इस तरह बर्बाद न किया जाए। मंडी की खाली जगहों को प्रवासी लोग अपनी अवैध रिहाइश के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। बनलगी में 12 पंचायतों को इस मंडी से सीधा लाभ देने के लिए वर्ष 2010 में पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने इसका शुभारंभ किया था। प्रदेश में 2012 में सरकार के बदलने के बाद से इस मंडी में कारोबारी गतिविधियां ठप पड़ी हैं। सुनसान पड़ी मंडी की चार दीवारी को तोड़कर लोग इसकी ईंटों तक चुराकर ले गए हैं।
यहां आने से कतराते हैं बडे़ व्यापारी
मार्केट कमेटी सोलन के चेयरमैन रमेश चौहान ने कहा कि बनलगी सब्जी मंडी ग्रामीण क्षेत्र में होने से बड़े व्यापारी यहां आने से कतराते हैं। ग्रामीण भी अपना माल पड़ोसी राज्यों में बेचने को प्राथमिकता दे रहे हैं। मार्केट कमेटी भवन को प्रयोग में लाने के लिए इसे किराये पर देने का प्रयास कर रही है। किसान और व्यापारी अगर मंडी में पहुंचते हैं तो इसे चलाया जा सकता है। a