सोलन। प्रदेश की बेटी और पर्वतारोही बलजीत कौर माउंट एवरेस्ट समूह की पुमोरी चोटी पर फतह हांसिल करने के बाद रविवार सोलन पहुंची। सोलन पहुंचने पर बलजीत का स्थानीय लोगों ने स्वागत किया। कोविड नियमों को ध्यान में रखकर स्वागत किया गया।
बलजीत ने इस चोटी पर फतह करने वाली पहली भारतीय महिला का गौरव हासिल किया है। उन्होंने बताया कि हौसलों की यह उड़ान अब थमने वाली नहीं है और अगले वर्ष ही वह एवरेस्ट पर भी तिरंगा फहराएंगी। बलजीत और उनकी साथी पर्वतारोही राजस्थान की गुणबाला शर्मा 7161 मीटर ऊंची चोटी पुमोरी पर विजय हासिल करने वाली पहली भारतीय महिलाएं बन गई हैं।
12 मई की सुबह 8:40 पर पहले बलजीत कौर पुमोरी चोटी पर पहुंची और कुछ ही देर बाद गुणबाला शर्मा भी शिखर पर पहुंचीं। बलजीत के साथ नूरी शेरपा और गुणबाला के साथ गेलू शेरपा ने भी अभियान को पूरा किया। इस कोरोना प्रोटोकाल का पूरी तरह पालन किया गया।
बलजीत ने कहा कि इस मुकाम तक पहुंचने में उनके माता-पिता का सबसे बड़ा योगदान है। इसके अलावा अभियान में योगदान देने वाले लोगों में सुरेंद्र जगोता, एडवोकेट उमेश शर्मा, पवन, पंकज गुप्ता, सुरेंद्र कौशल, विनोद, पवन गुप्ता, विश्वदेव पांडे, योगराज, डॉ. चेतना, अमित, अरुण, शेरपा टीम और सभी प्रत्यक्ष-परोक्ष रूप से सहयोग करने वालों का आभार जताया।
एवरेस्ट पर चढ़ने का भी कर चुकी हैं प्रयास
कुछ साल पहले जब वह सोलन कॉलेज में एनसीसी में थी तो एवरेस्ट के एक अभियान का हिस्सा बन चुकी हैं लेकिन उस दौरान ऑक्सीजन मास्क की खराबी के चलते बलजीत कौर को अभियान बीच में छोड़कर लौटना पड़ा था। उस दौरान उनके शेरपा के कहे गए शब्द कि फिर कोशिश करना एवरेस्ट यहीं रहेगा, उनके लिए प्ररेणा बन गए। बलजीत की शिक्षा सोलन कॉलेज से हुई है और इस दौरान बेहतरीन एनसीसी कैडेट के रूप में बलजीत ने अपनी पहचान बनाई थी।