बद्दी सीमा के बालद खड्ड पर पुल निर्माण का कार्य करते एनएचएआई के कर्मचारी। संवाद
एनएचएआई ने युद्ध स्तर पर पुल निर्माण कार्य किया शुरू
तीन पिलर बन कर हुए तैयार, तीन अन्य पर चल रहा कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी(सोलन)। बद्दी के बालद खड्ड पर हरियाणा को जोड़ने वाले पुल का निमार्ण कार्य तेज गति से शुरू हो गया है। एनएचएआई ने इस पुल को तैयार करने के लिए मार्च माह तक का समय रखा है। वर्तमान में अभी पुल के पिलर का कार्य चल रहा है।
बीते अगस्त में हुई भारी बारिश के दौरान बद्दी-पिंजौर मार्ग पर तीन पुल एक साथ टूट गए थे। ऐसे में यहां पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो गई थी। सबसे पहले मंडावाल के समीप पुल टूटा उसके बाद कीरतपुर और 7 अगस्त को बद्दी का पुल भी टूट गया था। पुल के दो सिरे पूरी तरह से टूट गए थे। जिससे बद्दी से बाहर जाने के लिए वाहन वाया कालका और वाया सिसमा जाते थे। अभी इन तीनों स्थान पर एनएचएआई ने अस्थाई पुल बना कर मार्ग को चालू तो कर दिया है लेकिन बद्दी में बालद नदी पर बने अस्थाई पुल के आगे रास्ता तंग होने से वहां पर अभी तक छोटे वाहन ही आवागमन कर पा रहे थे। बड़े वाहन अभी भी बरोटीवाला घूम कर मंडावाला से पिंजौर की ओर जा रहे हैं।
लोगों की परेशानी को देखते हुए एनएचएआई बद्दी के बालद खड्ड पर बन रहे पुल को प्राथमिकता के आधार पर बना रहा है। 236 मीटर लंबे इस पुल पर 6 स्पैन बनेंगे। अभी तक तीन पिलर बन कर तैयार हो गए है जबकि तीन अभी और बनने हैं। जिसका काम चल रहा है। पिलर तैयार होने के बाद इसके ऊपर गर्डर रखे जाएंगे जो पहले ही बना कर रखे हैं। गर्डर रखने का कार्य शुरू होगा उसके ऊपर स्लैब पड़ेंगे। एनएचएआई पहले डबल लेन पुल बनाएगा। उसके बाद एक और पुल पुराने पुल को तोड़ने के बाद बनेगा। इसका कार्य अगले वर्ष लगेगा।
एनएचएआई का कार्य देख रहे ओएसडी सुभाष सकलानी ने बताया कि हरियाणा से जोड़ने वाले पुल को प्राथमिकता के आधार पर बनाया जा रहा है। मार्च माह तक इसे चालू करने का लक्ष्य रखा है। एनएचएआई ने यहां पर अस्थाई पुल बना रखा है जो बड़े वाहनों के भार को सहन कर सकता है लेकिन पुल पार करने के बाद जगह तंग है जिसके चलते बड़े वाहनों के लिए नहीं खोला गया है।