2138 विद्यार्थी बैठने की जगह नहीं, निदेशालय ने दो शिफ्टों में स्कूल चलाने को मांगा प्रस्ताव
पहली से आठवीं कक्षा तक के बच्चे सुबह 7:00 से 1:00 बजे तक स्कूल आएंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बद्दी में बच्चों की संख्या 2000 से अधिक होने के कारण निदेशालय ने स्कूल प्रबंधन से इसे दो शिफ्टों में चलाने के लिए प्रस्ताव मांगा है। सरकार ने इस स्कूल को सीबीएसई पैटर्न पर चलाने की योजना बनाई है, और बच्चों की संख्या को देखते हुए अतिरिक्त स्टाफ भी भेजा जाएगा। 1 अप्रैल से इस स्कूल को सीबीएसई के पैटर्न पर चलाया जाएगा। प्राइमरी और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल बद्दी में कुल 2138 बच्चे पढ़ रहे हैं। सीबीएसई होने के बाद इस स्कूल में नए दाखिले भी होंगे, जिससे छात्र संख्या में और वृद्धि हो सकती है। दसवीं और जमा दो के छात्र इस वर्ष एनसीईआरटी के तहत परीक्षा देंगे, लेकिन अन्य कक्षाओं में नए सत्र से सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू होगा। वर्तमान में इस स्कूल में 30 कमरे हैं। नए पाठ्यक्रम के तहत एक सेक्शन में अधिकतम 40 बच्चे होंगे, जिससे कमरे की संख्या कम पड़ रही है। इसके साथ ही, इन बच्चों को पढ़ाने वाले अध्यापकों की संख्या 40 है। नया पाठ्यक्रम शुरू करने से पहले सरकार को यहां पर अतिरिक्त स्टाफ भेजना होगा और भवन की व्यवस्था करनी होगी। फिलहाल, सरकार ने स्कूल प्रबंधन से प्रस्ताव भेजा है, जिसमें स्कूल को अप्रैल माह से दो शिफ्टों में चलाने की बात कही गई है। नए शेड्यूल के अनुसार, पहली से आठवीं कक्षा तक के बच्चे सुबह 7:00 से 1:00 बजे तक स्कूल आएंगे, जबकि 8वीं से 12वीं कक्षा तक के बच्चे 11:00 से 5:00 बजे तक स्कूल में रहेंगे।
सीबीएसई पाठ्यक्रम से डर रहे कुछ बच्चे
स्कूल में पढ़ाई करने वाले बच्चों से जब नए पाठ्यक्रम के बारे में पूछा गया, तो कुछ बच्चे इस बदलाव को लेकर उत्साहित दिखे, जबकि कुछ ने चिंता व्यक्त की। उनका कहना था कि उन्होंने पहले एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लिया था, लेकिन अब सीबीएसई लागू होने से उन्हें पढ़ाई अधिक कठिन लगने लगी है। इन बच्चों को लगता है कि सीबीएसई की पढ़ाई ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकती है। ऐसे में कई बच्चे अब एनसीईआरटी पाठ्यक्रम वाले स्कूलों की ओर रुख कर सकते हैं।
निदेशालय ने दो शिफ्टों में स्कूल चलाने के लिए प्रस्ताव मांगा
स्कूल के प्रधानाचार्य रामलाल ने बताया कि उन्हें निदेशालय की ओर से प्रस्ताव मांगा गया है, जिसमें बच्चों की बढ़ी हुई संख्या को देखते हुए इसे दो शिफ्टों में चलाने की बात की गई है। जल्द ही स्कूल प्रबंधन इसे लेकर प्रस्ताव तैयार कर निदेशालय को भेजेगा। विभाग के आदेशों के अनुसार ही स्कूल को चलाया जाएगा।