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सरकारी डिपुओं में लोगों को मिल रहीं खराब दालें

Fri, 07 Aug 2015 11:00 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, सोलन।
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शहर के सरकारी डिपुओं में खराब दालों की खेप पहुंच रही है। डिपुओं में मिलने वाली मसर व माह की दाल की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। इन दालों में फंगस और कीड़े लगने की शिकायतें आ रही है।
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यह पहली बार नहीं कि दालों में कीड़ा पाया गया है। इससे पहले भी डिपुओं में सफेद चनों में कीड़े मिलने पर उपभोक्ताओं की शिकायतें पाई गई। जिस पर विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की, लेकिन दालों में फंगस और कीड़े लगे होने से उपभोक्ताओं में रोष है।

उन्होंने बताया कि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से डिपुओं में पहुंचने वाली दालें खराब आ रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि डिपुओं से कुछ ही राशन सस्ते दामों पर मिलता है, वो भी खराब आ रहा है। यह उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ सरेआम खिलवाड़ है।
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इससे पहले आटे में आई थी शिकायतें
सरकारी डिपुओं में दालों के खराब आने से पूर्व, कुछ माह पहले आटे में शिकायतें आई थी। इसमें डिपुओं से मिलने वाले आटे में रेत की अधिक मात्रा पर उपभोक्ताओं ने विभाग की सप्लाई पर सवाल उठाए थे। आटे में रेत की मिलावट का पता तो उपभोक्ताओं को रोटी बनाने के बाद चला था, लेकिन दालों को देखते ही स्थिति का पता चल गया।

प्रदेश में दालों के दाम बढ़ने से अधिकतर उपभोक्ता डिपुओं से मिलने वाली दालों पर निर्भर हो गए हैं। जिला में करीब 1 लाख उपभोक्ता है जो प्रति माह डिपुओं से खाद्य पदार्थ लेते हैं। मौजूदा समय में मसर कर दाल 65 रुपये की मिल रही है। वहीं बाजार में यह दाल करीब 70 से 80 रुपये बिक रही है।

शहर के उपभोक्ताओं की शिकायत पर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग अधिकारी एवं निरीक्षक ने शहर के डिपुओं में जाकर जांच पड़ताल की और दालों के सैंपल भरे। जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी ईश्वर चंद वर्मा ने बताया कि शहर में उपभोक्ताओं की शिकायत पर डिपुओं से दाल के सैंपल भरे गए हैं।
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