कसौली के संवेदनशील छावनी क्षेत्र में थल सेना का फर्जी अधिकारी बनकर रौब झाड़ रहे एक शातिर को पुलिस ने पकड़ा है। आरोपी सेना की आधिकारिक वर्दी और बैज का दुरुपयोग कर स्थानीय स्तर पर संदेहास्पद गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। मिलिट्री इंटेलिजेंस कसौली से प्राप्त खुफिया इनपुट के आधार पर पुलिस चौकी गढ़खल की विशेष टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार मिलिट्री इंटेलिजेंस की कसौली इकाई को गुप्त सूचना मिली थी कि गांव कोट व आसपास के इलाकों में एक युवक सेना की वर्दी और प्रतीक चिह्नों का इस्तेमाल कर खुद को सेवारत सैन्य अधिकारी बता रहा है। सैन्य छावनी और सामरिक दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र होने के कारण मामले को गंभीरता से लेते हुए यह जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस के साथ साझा की गई। गढ़खल पुलिस चौकी प्रभारी एएसआई ललित कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।
जांच में पता चला कि आरोपी स्थानीय एक निजी होटल में शेफ है और सुनारडी गांव में किराये के मकान में रहता है। पुलिस टीम ने सुनारडी क्षेत्र में संदिग्ध को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी की पहचान अर्पण कटोच निवासी गांव टिकरी बैजनाथ के रूप में हुई। सख्ती से पूछताछ में आरोपी संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। उसकी जेब से सेना का लिकर कार्ड बरामद हुआ, जिस पर सैन्य वर्दी में उसकी तस्वीर और नाम अंकित था। जब पुलिस ने कार्ड की प्रामाणिकता और स्रोत संबंधी दस्तावेज मांगे, तो आरोपी कोई वैध कागज पेश नहीं कर सका।
कसौली थाना में आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 168 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की हर पहलू से गहन तफ्तीश की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कानूनी धाराएं जोड़ी जाएंगी। आरोपी ने भारतीय सेना का लिकर कार्ड और आधिकारिक वर्दी कहां से और किसके माध्यम से हासिल की और छावनी क्षेत्र के आसपास घूमने के पीछे आरोपी की वास्तविक मंशा क्या थी, इसे लेकर पूछताछ की जा रही है। -अनिल शर्मा डीएसपी परवाणू