अर्की बाजार में भीषण अग्निकांड (फाइल फोटो)।
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बीती 11 जनवरी को अर्की में हुए भीषण अग्निकांड में मिले अवशेषों से मृतकों के किसी करीबी रिश्तेदार का डीएनए मेल नहीं खा पाया है। इससे प्रशासन और पुलिस के समक्ष नई चुनौती खड़ी हो गई है। हिमाचल प्रदेश राज्य फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एसएफएल) जुन्गा ने इसको लेकर पुलिस को रिपोर्ट सौंपी है।
रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस ने मृत महिला के पिता को नेपाल से बुलाया है। एसएफएल के चिकित्सकों ने उनका डीएनए सैंपल लिया। इसे मंगलवार को जुन्गा लैब भेज दिया है। अब महिला के सैंपल का मिलान किया जाएगा। यदि इस सैंपल का भी मिलान नहीं होता है, तो यह स्थिति प्रशासन और परिजनों के लिए और अधिक चिंताजनक हो सकती है।
अर्की अग्निकांड को अब एक माह का समय बीत चुका है। इसके बावजूद लापता लोगों के परिजन अभी भी अपने स्वजनों के शव या अवशेष मिलने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि वे अंतिम संस्कार और क्रियाकर्म की रस्में पूरी कर सकें। डीएनए सैंपल का मिलान होने के बाद ही यह प्रक्रिया संभव हो पाएगी, क्योंकि एसएफएल जुन्गा से अवशेष तभी परिजनों को सौंपे जाएंगे। परिजनों को अब तक यह जानकारी नहीं मिल पाई है कि कौन से अवशेष किस व्यक्ति के हैं।
गौरतलब है कि 11 जनवरी की रात अर्की में भीषण अग्निकांड हुआ था। इस हादसे में पांच बच्चों सहित 10 प्रवासियों की मौत हो गई थी। इनमें दो नेपाली परिवारों के नौ सदस्य शामिल थे, जबकि एक युवक बिहार मूल का था। युवक की मौत झुलसने के बाद अस्पताल में हुई थी, जबकि नेपाली परिवारों के सदस्यों के केवल अवशेष ही बरामद हो पाए थे।