उच्च न्यायालय ने दस्तावेज पेश करने को दिया समय, कार्रवाई पर अस्थायी रोक
अर्की में अग्निकांड से भवनाें को पहुंचा भारी नुकसान
प्रशासन के सर्वे के बाद असुरक्षित किए थे घोषित
अब कोर्ट के आगामी आदेशों पर ही प्रशासन करेगा कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
अर्की (सोलन)। नगर पंचायत अर्की में बीते दिनों हुए अग्निकांड के बाद अनसेफ घोषित दो भवनों को फिलहाल नहीं गिराया जाएगा। यह निर्णय उच्च न्यायालय के आदेशों के बाद लिया गया है। न्यायालय ने भवन मालिक को आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए कुछ समय दिया है, इसके पश्चात ही कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि 11 और 12 जनवरी की मध्य रात्रि नगर पंचायत अर्की बस स्टैंड के समीप एक भवन में भीषण आग लग गई थी। इस हादसे में दुकानों सहित कई मकान आग की चपेट में आ गए थे। गैस सिलिंडरों के ब्लास्ट से हुए धमाकों के कारण आसपास के कई भवनों को भी भारी नुकसान पहुंचा था। इसके बाद नगर पंचायत ने लोक निर्माण विभाग की तकनीकी टीम से सर्वे करवाया, जिसमें दो भवनों को असुरक्षित घोषित किया गया।
सर्वे रिपोर्ट के आधार पर नगर पंचायत ने भवन मालिक महेंद्र प्रकाश को एक सप्ताह के भीतर दोनों भवन गिराने के आदेश दिए थे। आदेशों की अनुपालना न होने पर नगर पंचायत ने 11 फरवरी को पुलिस, फायर विभाग और स्थानीय प्रशासन से सहयोग मांगा था। साथ ही एहतियातन भवन के साथ लगते यूको बैंक, अन्य दुकानों और कन्या विद्यालय को भी बंद रखने के आदेश जारी करवाए गए थे।
इसी बीच भवन मालिक ने न्यायालय की शरण लेते हुए कुछ समय की मांग की। न्यायालय ने गुहार सुनते हुए दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं और तब तक किसी भी प्रकार की कार्रवाई पर रोक लगा दी है। नगर पंचायत सचिव अभिनव शर्मा ने बताया कि बुधवार को भवन गिराने की पूरी तैयारी कर ली गई थी, लेकिन मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण अब उच्च न्यायालय के आगामी आदेशों के बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी।