परवाणू से सोलन के बीच कई स्थानों पर भूस्खलन, जान जोखिम में डालकर करनी पड़ी यात्रा
बारिश के बीच ही कंपनी के कर्मचारियों ने हटाए पत्थर, हाईवे को किया सुचारू
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। कालका-शिमला नेशनल हाईवे-5 पर परवाणू से सोलन के बीच लगातार बारिश के चलते एक बार फिर पहाड़ों से पत्थर सड़क पर गिरने लगे हैं। इससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चक्कीमोड़ पर विशालकाय पत्थर गिरने के कारण करीब 10 मिनट तक वाहनों की आवाजाही रोकनी पड़ी। इसके अलावा आठ घंटे की लगातार बारिश के दौरान कई स्थानों पर भूस्खलन भी हुआ, जिससे हाईवे पर जोखिम और बढ़ गया। टकसाल, तंबूमोड़, चक्कीमोड़, कोटी, सनवारा, कुमारहट्टी फ्लाईओवर और सोलन बाईपास सहित कई जगहों पर सड़क पर पत्थर गिरे, जिन्हें हटाने के लिए मरम्मत कार्य में लगी कंपनी के कर्मचारियों को दिनभर काम करना पड़ा। इसके बावजूद लोगों को बारिश के बीच जोखिम उठाकर सफर करना पड़ा। बताया जा रहा है कि जिन पहाड़ियों पर सुरक्षा के लिए नेट लगाने का कार्य चल रहा है, वहां ड्रिलिंग के कारण मिट्टी ढीली हो गई है, जिससे बारिश में पत्थर गिरने की घटनाएं बढ़ रही हैं। मार्च में हो रही इस तरह की बारिश ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। परवाणू से सोलन के बीच फोरलेन का कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद लोगों को अभी भी जोखिम भरा सफर करना पड़ रहा है। वर्ष 2025 की बरसात में भी इसी तरह की समस्याओं का सामना लोगों को करना पड़ा था। वर्तमान में 42 अतिसंवेदनशील पहाड़ियों को मैकमेश तकनीक से सुरक्षित करने का कार्य किया जा रहा है, जिनमें से 30 साइटों पर काम लगभग पूरा हो चुका है, जबकि अन्य पर कार्य जारी है।
कोट
सड़क पर गिरे पत्थरों को लगातार हटाया जा रहा है और बारिश रुकते ही पहाड़ियों को कवर करने का कार्य तेज किया जाएगा, ताकि लोगों को सुरक्षित आवाजाही मिल सके।
मनोज कुमार,डिप्टी मैनेजर,एसआरएम कंपनी
कालका-शिमला नेशनल हाईवे पांच पर कुमारहट्टी के समीप सड़क से पत्थरों को हटाते कर्मी। संवाद- फोटो : हादसे में घायल योग गुरु रविशंकर महाराज।