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Solan News: बारिश के बीच कालका-शिमला हाईवे पर गिरते रहे पत्थर, चपेट में आया वाहन

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परवाणू से सोलन के बीच कई जगह पहाड़ों से गिरे पत्थर
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विजिबिलिटी भी कम रहने से सड़क पर बढ़ गया है खतरा
वाहन चालकों को होती रही दिक्कत, जेसीबी से हटाया मलबा

संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। कालका-शिमला नेशनल हाईवे पांच पर बारिश के बीच पहाड़ों से पत्थर और मलबा सड़क पर गिरने से खतरा बढ़ गया है। इसमें बड़ोग बाईपास पर एक वाहन भी पहाड़ से गिरते पत्थर की चपेट में आया गया। हालांकि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ। कई जगहों पर पहाड़ से गिर रहे पत्थरों से वाहन चालक बाल-बाल बचकर निकले। वहीं, धुंध होने से विजिबिलिटी भी कम रही। इसके चलते वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना हाईवे पर करना पड़ा।
कई जगह डायवर्जन का चालकों को पता नहीं लगा। इससे वाहन गलत दिशा में जाने से दुर्घटनाओं का अंदेशा बन रहा है। सोलन से कैथलीघाट के बीच भी यही हाल सड़क पर रहा। हालांकि पहाड़ों से गिर रहे पत्थरों को हटाने के लिए फोरलेन निर्माण कर रही कंपनी की ओर से जेसीबी तैनात की गई है। दूसरी ओर हाईवे पर कई जगहों पर स्लॉप प्रोटेक्शन कार्य के चलते पहाड़ों पर की गई ड्रिल के कारण भी पत्थर और मलबा सड़क पर आ रहा है। हाईवे पर बड़ोग बाईपास में भी चलते वाहन पर पत्थर गिर गया।
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वाहन की छत्त पर विशालकाय पत्थर गिरने से चालक नियंत्रण खो बैठा और पहाड़ी डंगें से टकराकर नाली में चली गई। गनीमत यह रही कि कार में सवार चालक को कोई चोट नहीं लगी। लेकिन कार को काफी नुकसान हुआ है। शनिवार को गाड़ी को नाली से निकाला गया। लेकिन पत्थरों के आने से हाईवे पर रिस्क बना हुआ है। हाईवे पर तंबू मोड़, चक्की मोड़, धर्मपुर, कुमारहट्टी बाइपास, सलोगड़ा, वाकनाघाट के आसपास दिनभर पत्थर गिरते रहे। जिससे वाहन चालक बच-बच कर निकलते नजर आए।
गौर रहे कि परवाणू से कैथलीघाट के बीच फोरलेन का कार्य होने से पहाड़ कच्चे पड़ गए हैं। इस कारण बारिश में पहाड़ दरक जाते हैं। हालांकि दरकते पहाड़ों को देखते हुए प्रोटेक्शन का कार्य भी किया जा रहा है। लेकिन अभी ये कार्य पूरा नहीं हुआ है। ऐसे में कब पत्थर और मलबा सड़क पर आ जाए इसका वाहन चालकों को पता नहीं लग पा रहा है।
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इंडिकेटर का सहारा लेकर चले वाहन
शनिवार को सोलन जिले के निचले क्षेत्रों में धुंध का असर भी देखने को मिला। धुंध के कारण विजिबिलिटी कम हो गई। सड़क पर चलने वाले वाहनों को काफी परेशानियां आईं। धुंध के कारण सामने वाहन नजर न आने के कारण बड़ोग बाईपास पर वाहन की टक्कर भी हुई। सड़क पर वाहनों की गति काफी कम रही। धुंध के चलते इंडिकेटर और फॉग लाइट का सहारा लेना पड़ा।
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