तीन साल पहले लापता हुई बच्ची जल्द ही अपने पिता से मिलेगी। सोलन पुलिस की मदद से बच्ची अब अपनों के बीच होगी।
- फोटो : demopic
तीन साल पहले लापता हुई बच्ची जल्द ही अपने पिता से मिलेगी। सोलन पुलिस की मदद से बच्ची अब अपनों के बीच होगी। एक दंपति के यहां से गायब हुई बच्ची को सोलन पुलिस ने चंडीगढ़ से बरामद किया है। बच्ची की उम्र अब 11 साल है। वह चंडीगढ़ में ही एक चाइल्ड शेल्टर होम में रहकर छठी कक्षा की पढ़ाई कर रही थी। सोलन पुलिस ने वीरवार को बच्ची के कोर्ट में बयान दर्ज करवाए। अब पुलिस को बच्ची के पिता का इंतजार है। वह देहरादून से अपनी बेटी को लेने आ रहे हैं। इसके बाद पुलिस बच्ची को परिवार को सौंप देगी।
तीन साल पहले सोलन के वार्ड छह में रहने वाले ठेकेदार संजीव दुल्टा ने देहरादून के चकरोता निवासी शुपा राम को उसकी नौ साल की बच्ची को अच्छी परवरिश और पढ़ाई की बात कह कर अपने परिवार के साथ रखने को राजी कर दिया। इस बीच दुल्टा परिवार ने बच्ची का दाखिला भी मालरोड स्थित सरस्वती विद्या मंदिर में करवा दिया। लेकिन एक रोज बच्ची घर से स्कूल के लिए निकली और देर शाम तक नहीं लौटी। इस पर दुल्टा परिवार ने 7 मई 2015 को थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बच्ची को तलाशने का हर संभव प्रयास किया लेकिन कुछ पता नहीं चला।
एएचटीयू शिमला को दिया मामला
शहर से गायब हुई बच्ची का जब कोई सुराग नहीं लगा तो फरवरी 2016 में सोलन पुलिस ने यह मामला मानव तस्करी निरोधक इकाई शिमला को सौंप दिया। लेकिन यहां भी सफलता हाथ नहीं लगी। इसी बीच लापता बच्ची के पिता ने सोलन एसपी अंजुम आरा से मुलाकात की। साथ ही अपनी बेटी को खोजने के लिए गुहार लगाई। इसके बाद पुलिस ने 3 अप्रैल 2017 को एएचटीयू से मामले को दोबारा सोलन ट्रांसफर करवाकर जांच शुरू की। इस बार पुलिस ने पड़ोसी राज्यों की पुलिस की भी मद्द ली। इसके बाद बच्ची के चंडीगढ़ स्थित चाइल्ड शेल्टर होम में होने की सूचना मिली। सोलन महिला सेल बच्ची की पहचान करने चंडीगढ़ पहुंचा। पहचान होने के बाद बच्ची को वीरवार को सोलन लाया गया।
बस में बैठ कर पहुंची चंडीगढ़
बच्ची ने बताया कि वह सुबह घर से स्कूल के लिए निकली। लेकिन उसे यहां ठीक नहीं लग रहा था। इसलिए शाम को घर जाने की बजाय वह चंडीगढ़ जाने वाली बस में बैठ गई। इस दौरान उसके साथ कोई नहीं था। जब वह चंडीगढ़ पहुंची तो कुछ लोगों की नजर उस पर पड़ी। इसके बाद बच्ची को चाइल्ड शेल्टर होम ले जाया गया। चंडीगढ़ पुलिस ने बच्ची से उसके घर का पता लगाने की कोशिश की। लेकिन बच्ची घर का सही पता नहीं बता सकी। इस कारण पुलिस उसके माता-पिता तक पहुंचाने में असमर्थ रही। अब बच्ची अपने माता-पिता के पास पहुंचेगी।