सोलन न्यायालय परिसर में जमकर की नारेबाजी
बोले जल्द इस्तीफा न हुआ तो आंदोलन होगा तेज
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। न्यायालय परिसर में सोलन के वकील समुदाय ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन मिश्रा के इस्तीफे की मांग को लेकर टोकन धरना प्रदर्शन किया। इस शांतिपूर्ण धरने में सैकड़ों अधिवक्ताओं ने हिस्सा लिया। उन्होंने मनन मिश्रा पर कथित धांधली और अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए।
धरने में बार काउंसिल ऑफ हिमाचल प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष शशि पंडित, बीएस मेहता, मदन कश्यप, एनके ठाकुर, ललित शर्मा, अनिल भागनाल और भुवन ठाकुर उपस्थित रहे। जिला बार एसोसिएशन के महासचिव नीतीश ठाकुर भी प्रमुख रूप से मौजूद थे। नीतीश ठाकुर ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए मनन मिश्रा द्वारा संचालित कथित धांधली और अनियमितताओं को बर्दाश्त न करने की बात कही। उन्होंने पूरे प्रदेश सहित देश के वकील समुदाय से एकजुट होकर शांतिपूर्ण तरीके से इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने का आह्वान किया। ठाकुर ने आरोप लगाया कि मनन मिश्रा ने एक ही वर्ष में लगभग 14 करोड़ रुपये निजी सैर-सपाटे और अन्य मदों पर खर्च किए। साथ ही, वे पिछले 14 वर्षों से बीसीआई के अध्यक्ष के पद पर गैरकानूनी तरीके से काबिज हैं।
धरने में शामिल अधिवक्ताओं ने मनन मिश्रा का तत्काल इस्तीफा मांगा है। उन्होंने न्यायपालिका व बार संस्थाओं की स्वतंत्रता और पारदर्शिता की रक्षा के लिए त्वरित जांच की मांग की। साथ ही, जवाबदेही सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि उचित कार्रवाई न होने पर आगे की संघर्ष-योजनाओं और विस्तृत आंदोलन के संकेत दिए जाएंगे।
मनन मिश्रा पर आरोप
नीतीश ठाकुर ने यह भी बताया कि मनन मिश्रा ने सरकार के साथ मिलकर अधिवक्ता (संशोधन) विधेयक में ऐसे प्रावधान थोपने का प्रयास किया। ये प्रावधान वकीलों और आम जनता दोनों के हितों के विरुद्ध थे। बार काउंसिल के चुनावों को भी कई बार टालने की कोशिशें की गईं। न्यायमूर्तियों की चाटुकारिता के कारण बार काउंसिल की गरिमा और स्वायत्तता को गंभीर चोट पहुंची है।