दून के विधायक राम कुमार चौधरी बांध गांव में सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम में जाते हुए- स्रोत-
सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम में विधायक रामकुमार ने सुनी लोगों की समस्याएं
कहा-गांव में बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए बदले जाएंगे खंभे
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। दून के विधायक रामकुमार चौधरी ने भावगुडी पंचायत के बांध गांव में आयोजित सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और अधिकतर शिकायतों का विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ मौके पर ही निपटारा कर दिया। शेष शिकायतों के शीघ्र समाधान के लिए संबंधित विभागों को प्राथमिकता के आधार पर तय समय-सीमा के भीतर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कार्यक्रम के दौरान विधायक रामकुमार चौधरी ने बांध गांव में पेयजल समस्या के समाधान के लिए लगभग 20 लाख रुपये की लागत से 50 हजार लीटर क्षमता का वाटर टैंक बनवाने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने गांव में बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए बिजली के पोल बदलने, आवश्यक थ्री-फेज मीटर लगाने तथा अन्य जरूरी कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि गांव में 7 इंच का हैंडपंप लगाकर पेयजल समस्या का अस्थायी समाधान भी शीघ्र किया जाएगा, ताकि आगामी गर्मी के मौसम में ग्रामीणों को पानी की कमी का सामना न करना पड़े। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को पट्टा-बांध-बनलगी मुख्य सड़क के पास बंद पड़ी कूहल की सफाई कर उसे पुनः खोलने के निर्देश दिए, ताकि किसान कूहल के माध्यम से अपनी फसलों की सिंचाई कर लाभांवित हो सकें। इसके अतिरिक्त उन्होंने बांध गांव में खेतों तक जाने वाले रास्ते को पक्का करने के लिए विधायक निधि से 1 लाख रुपये देने की घोषणा भी की।
भावगुडी और जगजीतनगर पंचायतों में पेयजल समस्या का होगा स्थायी समाधान
रामकुमार चौधरी ने कहा कि भावगुडी और जगजीतनगर पंचायतों में पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए मैदानी क्षेत्र से पानी की व्यवस्था के लिए तीन बड़े ट्यूबवेल लगाने की योजना बनाई जा रही है। इससे इन क्षेत्रों के लोगों को जल्द ही राहत मिलेगी। कहा कि ग्रामीणों की ओर से जंगली जानवरों और लावारिस पशुओं से फसलों को होने वाले नुकसान की समस्या को ध्यान में रखते हुए लगभग 300 बीघा भूमि के लिए 25 लाख रुपये की लागत से कृषि विभाग के माध्यम से बाड़बंदी का एस्टीमेट तैयार किया गया है। जैसे ही कृषि विभाग में इस मद के लिए निधि उपलब्ध होगी, इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर करवाया जाएगा। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने कार्यक्रम में भाग लेकर अपनी समस्याएं विधायक के समक्ष रखीं।