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पांच साल में होगी शास्त्री डिग्री

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सोलन। हिमाचल विवि के कुलपति प्रो एडीएन वाजपेयी ने कहा कि विवि में संस्कृत प्राच्य विभाग खोला जाएगा। वहीं प्राक शास्त्री भाग-एक से लेकर शास्त्री तृतीय तक यानी पांच कक्षाओं को समायोजित कर शास्त्री डिग्री माना जाएगा। रूसा के तहत इसे एक डिग्री माना जाएगा। इससे हमारी परंपरागत शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और संस्कृत के मूल विषयों का ज्ञान विद्यार्थियों को प्राप्त होगा।
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वह शनिवार को संस्कृत कालेज सोलन का वार्षिक समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। कालेज का वार्षिक समारोह धूमधाम से मनाया गया। प्रदेश विवि के कुलपति एडीएन वाजपेयी ने वार्षिक पत्रिका ‘तारिणी’ का विमोचन किया और खेलकूद और शैक्षणिक क्षेत्र के मेधावियों को सम्मानित किया।
कालेज प्राचार्य केश्वानंद कौशल ने वार्षिक रिपोर्ट पढ़ी। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी। शुभारंभ छात्र सुदर्शन ने नृत्य कर गणेश वंदना प्रस्तुत की। संस्कृत नाटी और कव्वाली को खूब सराहा गया। उपप्राचार्य डा. रामदत्त शर्मा, डा. उत्तम चंद व डा. मुकेश शर्मा ने कार्यक्रम का संचालन किया। मंडयाली धाम का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम में आचार्य रामानंद वर्मा, डा. हरिदत्त शर्मा, डा. कुमार सिंह सिसोदिया, पंडित संतराम शर्मा, भीम सिंह चौहान, लीलाधर वात्सयायन, डा. नरेश चंद, डा. अनिता वर्मा, गोकुल चंद शर्मा, प्रेम चंद मस्ताना, इंद्र कौशिक आदि मौजूद रहे।
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ये विद्यार्थी पुरस्कृत
अंजना शर्मा, निश्चला ठाकुर, कंचन, गोल्डी, दीक्षा, शुभम, सुदर्शन, दीपक राजटा, शिवराज सिंह, हरिकृष्ण पांडे, प्रियंका, शीतल, सुमन, अर्चना, तमन्ना, सुरज, कृष्णा, शीतल नेगी, उषा किरण, अरूण, राहुल, अनिल, पंकज, अक्षय, कमल, कपिल, निखिल, कुशाग्र, अर्पित, केशव कुनाल, मोहित, रेखा, चमन, जयप्रकाश, सन्नीप्रभा, निकिता, विनता, शीतल कुमार, प्रेमलत्ता, प्रदीप, पूनम, सतीश, नितिश, सुरेंद्र, अनिल कुमार, अतुल, ज्योति, प्रियंका नेगी आदि।

डा. गौतम के काव्य संग्रह का विमोचन
सोलन। पूर्व प्राचार्य संस्कृत विद् डा. प्रेम लाल गौतम द्वारा लिखित चतुर्थ कविता संग्रह क्षितिज का लोकार्पण प्रदेश विवि शिमला के कुलपति डा. एडीएन वाजपेयी ने किया। इससे पूर्व शिखरों से हिंदी-संस्कृत-पहाड़ी कविता संग्रह, मन के दीप तथा विवक्षा प्रकाशित हो चुके हैं। इनकी रचनाओं पर कुरुक्षेत्र विवि से एमफिल शोध कार्य 1999 में हो चुका है। बताया कि क्षितिज कविता संग्रह में 54 कविताएं तथा छह विद्वानों ने इनकी पूर्व काव्य रचनाओं की समीक्षा की है। भूमिका भी कुलपति वाजपेयी द्वारा सहजता का अद्भुत शब्दचित्र से बांधी है। स्वाधीन चंद्र गौड़, डा रामचंद्र और डा शंकर वासिष्ठ की भी सारगर्भित टिप्पणियां प्रकाशित की गई हैं।

नहीं हो सका हिमाचल वैभम् का विमोचन
सोलन। राष्ट्रपति पुरस्कृत डा. केश्व शर्मा की पुस्तक हिमाचल वैभम् का विमोचन शनिवार को समारोह के दौरान नहीं हो सका। मंच में 08 श्लोकों का अभिनंदन पढ़ने के बाद डा. केश्व की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। देर शाम तक उपचार के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिली।
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