हार्डिग वार्ड के 10 परिवारों ने सरकारी भूमि पर पुनर्वास की उठाई मांग
सड़क का लगभग 150 फीट लंबा भाग धंसने से संकट, स्वास्थ्य विभाग की है भूमि
अमर उजाला ब्यरो
धर्मपुर (सोलन)। कालका-शिमला हाईवे पर पहाड़ से भारी भूस्खलन होने के कारण धर्मपुर पंचायत के तहत आने वाले हार्डिग वार्ड के 10 परिवार बेघर हुए हैं। बेघर परिवारों पर मुसीबत का पहाड़ गिर पड़ा है। फोरलेन कंपनी ने सड़क को चौड़ा करने के लिए हार्डिग के पहाड़ को काटा जिस कारण पहाड़ से भारी भूस्खलन होने लगा। भूस्खलन से हार्डिग वार्ड में रह रहे लगभग 10 परिवारों पर गाज गिरी। पहाड़ से भूस्खलन होने से मेन हाईवे से हार्डिग जाने वाली सड़क का लगभग 150 फीट लंबा भाग धंस गया। सड़क धंसने के अलावा सड़क के ऊपर और नीचे के घरों में गहरी दरारें आ गईं। इस कारण जिला प्रशासन ने खतरे को देखते हुए इन परिवारों को घर खाली करने के आदेश दिए। प्रभावित परिवारों ने घरों को खाली कर दिया है। फोरलेन कंपनी की ओर से जुलाई माह में बरसात के मौसम में पहाड़ मे कटिंग की शुरूआत की गई। पहाड़ का कटिंग की शुरूआत होते ही पहाड़ धीरे धीरे खिसकने लगा। कंपनी की और से पहाड़ को सुरक्षित रखने के लिए पत्थर व सीमेंट कंक्रीट के डंगे लगाकर सीमेंट स्प्रे और शॉर्टसर्किट किया गया। लेकिन पहाड़ धीरे-धीरे धंसता रहा और 20 दिसंबर की रात लगभग 8 बजे पुरा पहाड़ फिर से सड़क पर आ गया। दोबारा फिर वही स्थिती पैदा हो गई। हार्डिग के स्थानीय लोगों पर खतरे की आशंका को देखते हुए रविवार रात प्रदेश के सामाजिक न्याय आधिकारीता एवं सहकारिता मंत्री डॉ. राजीव सैजल, एसडीएम सोलन रोहित राठौर, तहसीलदार कसौली कपिल तोमर, जीआर कंपनी के डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर उमेश कुमार ने लोगों से मुलाकात की गई।
प्रभावित परिवारों में पुनीत वर्मा, पवन कुमार, दीपक कुमार, सुखविंदर सिंह, श्यामलाल, हरीश कुमार, राजेंद्र कुमार ऊषा देवी, सोमा देवी, ओम प्रकाश ने मांग करते हुए कहा कि जिला प्रशासन प्रभावित 10 परिवारों को हार्डिग के नजदीक स्वास्थ्य विभाग की बेकार भूमि पर बसाए। वहीं फौरी राहत के लिए धर्मपुर के हार्डिग में स्वास्थ्य विभाग के खाली पड़े आवासों में अस्थायी रूप से रहने दिया जाए। वहीं एसडीएम सोलन रौहित राठौर ने कहा कि हार्डिग के प्रभावित परिवारों के क्षतिग्रस्त मकानों की रिपोर्ट तैयार कर मुआवजा दिया जाएगा। अभी तक जियोलॉजिकल विभाग की रिपोर्ट नही आई है।