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राष्ट्रीय एंबुलेंस कर्मियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं चरमराईं

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सोलन। राष्ट्रीय एंबुलेंस स्टाफ के हड़ताल पर जाने से स्वास्थ्य सेवाओं पर बुरा असर पड़ा है। मरीजों को अस्पताल लाने और ले जाने के लिए वाहन कम पड़ गए हैं। सोलन अस्पताल से मंगलवार रात से बुधवार तड़के तक कुल तीन मरीजों को आईजीएमसी और पीजीआई रेफर किया गया। इन्हें एंबुलेंस न मिलने पर रेडक्रॉस की सहायता से अस्पताल पहुंचाया गया। इस बीच सोलन से बीमार हुए एक मरीज को शिमला रेफर कियाथा। इसे परिजन निजी वाहन से शिमला ले गए। लेकिन शिमला में उसकी नाजुक हालत को देखते हुए उसे चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। परिजनों ने टैक्सी का सोलन से शिमला और वापसी के लिए बुक किया था। वह वापस सोलन अस्पताल पहुंचे और यहां से उन्होंने चंडीगढ़ के लिए एंबुलेंस की मांग की तो उन्हें देर रात को एंबुलेंस नहीं मिल पाई। काफी इंतजार करने के बाद निजी वाहन से मरीज को चंडीगढ़ ले जाना पड़ा। बुधवार को दिनभर लोग निजी वाहनों की मदद से सोलन अस्पताल पहुंचते रहे। मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में रेडक्रॉस की एंबुलेंस का खास योगदान रहा। सोलन में रेडक्रॉस की तीन एंबुलेंस हैं और तीनों बुधवार को लगातार मरीजों को घर और अस्पताल पहुंचाने में व्यस्त रहीं।
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गृह रक्षकों की मदद के लिए हुई बैठक
राष्ट्रीय एंबुुलेंस की हड़ताल के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने अतिरिक्त चालकों के प्रबंध पर काम शुरू कर दिया है। बुधवार को आननफानन में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की राष्ट्रीय एंबुलेंस प्रबंधन के साथ बैठक हुई। इसमें राष्ट्रीय एंबुलेंस प्रबंधन ने विभाग के सामने गृहरक्षक चालकों को उपलब्ध करवाने की मांग रखी। स्वास्थ्य विभाग ने इस मांग को प्रशासन के समक्ष रखा और अब राष्ट्रीय एंबुलेंस की चाबियां गृह रक्षकों को सौंपने पर विचार किया जा रहा है।

सोलन में चलती हैं 18 एंबुलेंस
जिले में कुल 18 राष्ट्रीय एंबुलेंस हैं। इन्हें चलाने के लिए कंपनी को 18 चालकों की जरूरत है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की मदद से यदि कंपनी 18 गृह रक्षकों की मदद लेती है तो एंबुलेंस में सहायक स्टाफ नहीं मिल पाएगा। राष्ट्रीय एंबुलेंस में चालकों के साथ ही फार्मासिस्ट भी हड़ताल पर चले गए हैं। इसकी वजह से गृह रक्षकों की मदद से एंबुलेंस ही चल पाएगी,उसमें मरीजों को किसी तरह का अन्य उपचार नहीं मिलेगा।
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गृह रक्षकों की मदद पर चल रहा विचार : गुप्ता
जिला स्वास्थ्य अधिकारी एनके गुप्ता ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग होमगार्ड विभाग से चालकों को उपलब्ध करवाने के लिए प्रयासरत है। बताया कि 7 से 8 प्रशिक्षित चालकों को इन खड़ी एंबुलेंस को चलाने के लिए विभाग की कोशिश जारी है। चालकों को कंपनी द्वारा ही भुगतान किया जाएगा।
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