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बीबीएन में 100 बीघा भूमि पर बनेगा गो अभ्यारण्य

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बद्दी (सोलन)। औद्योगिक हब बीबीएन में खुले में विचरण करने वाले गोवंश को जल्द ही प्राकृतिक माहौल मिलेगा, वहीं इनका संरक्षण भी सही ढंग से हो सकेगा। लोगों को खुले में घूमने वाले गोवंश से होने वाली परेशानियों से भी निजात मिलेगी।
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औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन के कंसंबोवाल के समीप 100 बीघा भूमि पर गो अभ्यारण्य (सेंचुरी) का निर्माण किया जा रहा है, जहां प्राकृतिक माहौल में गोवंश का संरक्षण होगा। इस अभ्यारण्य की खास बात यह होगी कि यहां प्राकृतिक माहौल के तहत चारे की व्यवस्था होगी, वहीं पीने की पानी की उचित सुविधा भी होगी। पशुओं के टीकाकरण से लेकर बीमारी की स्थिति में चिकित्सीय लाभ देने की सुविधा भी मिलेगी। इसके लिए उपमंडल प्रशासन ने खाका तैयार कर सरकारी जगह का चयन कर औपचारिकताएं पूर्ण कर ली हैं। इसकी जिला प्रशासन से मंजूरी मांगी है। स्वीकृति मिलते ही गो अभ्यारण्य कार्य करना आरंभ कर देगा। इसके बनने से लावारिस घूमने वाले गोवंश को एक उत्तम स्थल मुहैया होगा, वहीं आम लोगों को परेशानियों से भी निजात मिलेगी।
बीबीएन में बने हैं कई गोसदन
बीबीएन में वैसे तो कई गोसदन काम कर हैं। इसके बावजूद क्षेत्र में लावारिस पशुओं की समस्या है, जिसे देखते हुए उपमंडल प्रशासन ने इस योजना पर कार्य करते हुए अपनी ओर से सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर दी हैं। क्षेत्र में घूमने वाले गोवंश की संख्या इतनी अधिक है कि वे सड़कों पर अपना डेरा जमा लेते हैं। पशुओं के आतंक से कई बार लोगों को चोटें तक पहुंची हैं। किसानों की फसलों को चट कर जाते हैं। लावारिस पशुओं की समस्या कई मर्तबा लोगों ने प्रशासन से उठाई है। उपमंडल प्रशासन ने इस समस्या से पूरी तरह से निजात दिलाने के लिए इस गो अभ्यारण्य का निर्माण करने की ठानी और इसकी औपचारिकताएं पूर्ण कर मामला जिला प्रशासन को स्वीकृति के लिए भेज दिया है।
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भूमि कर ली है चिह्नित : एसडीएम
एसडीएम नालागढ़ प्रशांत देष्टा ने कहा कि गो अभ्यारण्य के निर्माण के लिए 100 बीघा सरकारी भूमि का चयन कर लिया गया है, जहां पर गोवंश को रखा जाएगा। यहां प्राकृतिक सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। चारे की व्यवस्था सहित पीने के पानी सहित चिकित्सीय सुविधा शामिल होगी। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन से स्वीकृति मिलने के बाद इसका कार्य युद्धस्तर पर करवाया जाएगा, ताकि गोवंश यहां सुरक्षित रह सके और लोगों को भी इनसे होने वाली समस्याओं से निजात मिल सके।
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