अर्की (सोलन)। खाद्य आपूर्ति विभाग की उचित मूल्य की दुकानों में चीनी और दालें न मिलने से लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। गरीबी रेखा से नीचे गुजर-बसर कर रहे परिवारों और अन्य कार्ड धारकों को बाजार से महंगे दामों पर दालें खरीदना पड़ रही हैं।
लोगों के मुताबिक अभी फरवरी माह का आधा अधूरा सामान ही दिया जा रहा है। मार्च महीने के कुछ दिन शेष
बचे हैं लेकिन विभाग के गोदामों में गेहूं, आटा और चावल के अलावा अन्य सामान अभी तक नहीं पहुंचा है। खाद्य आपूर्ति विभाग की अर्की क्षेत्र की 56 उचित मूल्य की दुकानों में न तो चीनी मिल रही है और न ही पूरी दालें। इससे क्षेत्र के लाखों लोगों को बाजार से महंगी दालें और चीनी लेने को मजबूर होना पड़ रहा है। क्षेत्र में बंदरों की बढ़ती तादाद तथा सूखे की मार झेल रहे लोगों के खेत बंजर हो गए हैं। ऊपर से सरकार द्वारा आधा अधूरा राशन वितरित करना लोगों के लिए मुसीबत बनता जा रहा है।
अर्की में खाद्य आपूर्ति विभाग के तहत 24 हजार 335 कार्डधारक हैं। इसमें एक लाख 8 हजार 352 के करीब लोग लाभान्वित होते हैं लेकिन इन लोगों को मार्च और फरवरी माह का सामान पूरा नहीं मिल पाया है। जानकारी के मुताबिक खाद्य आपूर्ति विभाग के गोदामों में हर महीने 726 क्विंटल दालें, 555 क्विंटल चीनी तथा 45 हजार लीटर तेल मिलता है। पुष्पा, सुनीता, प्रिया और किरण ने कहा कि सरकार के इस तरह के रवैया घर के बजट पर भारी पड़ रहा है। इनका कहना है कि गरीबी रेखा से नीचे गुजर बसर कर रहे परिवारों का यही एक मात्र सहारा है जिससे उनका घर चलता है।
सप्लाई आते ही भेज देंगे राशन : विभाग
खाद्य आपूर्ति विभाग के निरीक्षक श्याम भाटिया ने बताया कि गेहूं, आटा और चावल उपभोक्ताओं को दिया जा रहा है। सप्लाई देरी से आने के कारण फरवरी माह की दाल तथा तेल की सप्लाई उचित मूल्य की दुकान में भेजी गई है। लेकिन चीनी अभी नहीं आई है। जैसे ही आएगी सप्लाई आगे भेज दी जाएगी।