सोलन। विधानसभा चुनाव के लिए सोलन में करीब आठ हजार कर्मचारियों की तैनाती होगी। इसमें से चार हजार कर्मचारी सफल मतदान में अपना योगदान देंगे तो इतने की कर्मचारी सुरक्षा में तैनात रहेंगे। सुरक्षा के लिए बाहरी राज्यों के पुलिस बल और अर्द्धसैनिक बल की टुकड़ियों के अलावा स्थानीय पुलिस तथा गृहरक्षक विभाग के कर्मचारी चुनाव में अहम भूमिका निभाएंगे। मतदान केंद्रों में बूथ लेवल अधिकारियों की बड़ी कमी शिक्षकों से पूरी की जाएगी। भारी संख्या में शिक्षकों को विस चुनाव में तैैनात किया जा रहा है। इनमें से कई तो काफी दिनों से प्रशिक्षण भी ले रहे हैं।
जिला में इस बार तीन लाख 69 हजार 71 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इनके लिए 537 मतदान केंद्रों की स्थापना की गई है। इस बार मतदान केंद्र पिछले विस चुनाव के मुकाबले ज्यादा हैं। पिछले विस चुनाव में 516 मतदान केंद्र स्थापित किए थे। इन्हें इस बार बढ़ाकर 537 कर दिया है। इन मतदान केंद्रों में करीब तीन हजार बूथ लेवल अधिकारियों की जरूरत पड़ेगी। अन्य कर्मचारी सहयोगी स्टाफ के रूप में मतदान के दौरान मौजूद रहेंगे। प्रशासन ने विस चुनाव के लिए सोलन शहर में तीन नियंत्रण कक्ष स्थापित करने की बात कही है। इनमें से एक कक्ष उपायुक्त कार्यालय, एक लोक संपर्क विभाग कार्यालय जबकि तीसरा कक्ष पुराने उपायुुक्त कार्यालय में बनाया जाएगा। जहां चुनाव से जुड़ी पल-पल की अपडेट उपलब्ध रहेगी।
537 मतदान केंद्रों के लिए आएंगी 672 मशीनें
जिला में पांच विधानसभा क्षेत्रों के लिए वीपीपैट की 672 मशीनें उपलब्ध रहेंगी। नियमों के मुताबिक 125 प्रतिशत मशीनें चुनाव के दौरान रखी जाती हैं। सोलन में 537 कुल मतदान केंद्र हैं जिनका 125 प्रतिशत करीब 672 बनेगा। 537 मशीनों को मतदान केंद्र में स्थापित किया जाएगा। 135 मशीनें सुरक्षित रखी जाएंगी। यदि किसी मतदान केंद्र में मशीन खराब होने की शिकायत आती है या दूसरी कोई दिक्कत हुई तो मशीन को अतिरिक्त वीवीपैट से बदला जा सकेगा। मतदान में इस्तेमाल होने जा रही वीवीपैट मशीनों के लिए बिजली की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह मशीनें बैटरी से चलती हैं।
चुनाव के लिए हैं तैयार : डीसी
डीसी राकेश कंवर ने कहा कि चुनाव को लेकर प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। सभी अधिकारियों और चुनाव में इस्तेमाल होने वाली सामग्री का बार-बार अभ्यास हो रहा है। कर्मचारियों और अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। वीवीपैट के प्रति मतदाताओं को जागरूक किया जा रहा है। आचार संहिता लागू होने के बाद सभी पोस्टर, होर्डिंग और बैनर हटाने के निर्देश दिए गए हैं। इसकी रिपोर्ट 72 घंटों में कर्मचारियों को देनी होगी।
अर्की में सर्वाधिक 83 हजार 689 मतदाता
सोलन जिला में 15 सितंबर तक कुल तीन लाख 69 हजार 71 मतदाता मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इनमें एक लाख 91 हजार 595 पुरुष जबकि एक लाख 77 हजार 476 महिला मतदाता हैं। जिला में सबसे ज्यादा मतदाता अर्की विधानसभा क्षेत्र में हैं यहां 83 हजार 689 मतदाता पंजीकृत हुए हैं। नालागढ़ में 80 हजार 563, सोलन में 80 हजार 192, कसौली में 63 हजार 358 और दून में 61 हजार 269 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे।
अब नहीं बनेंगे वोट
मतदान का अधिकार उन्हीं लोगों को मिल सकेगा जिन्होंने आदर्श आचार संहिता लागू होने से पूर्व तक अपने मत बना लिए हैं। अब कोई भी मतदाता पंजीकरण नहीं करवा पाएगा। डीसी राकेश कंवर ने बताया कि लोग आवेदन तो कर सकते हैं लेकिन उन्हें इस चुनाव में वोट डालने का अधिकार नहीं मिलेगा। वे भविष्य के अन्य चुनाव में अपना वोट दे सकेंगे।