सोलन। जिला सोलन के कुछ क्षेत्र में बुधवार देर शाम को हुई बारिश की बूंदाबांदी से ठंड तो बढ़ी लेकिन किसानों की परेशानी अभी भी दूर नहीं हो सकी है। किसानों ने कृषि विभाग से बीज तो खरीद लिया है लेकिन उसे बीजने के लिए एक अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। इस वर्ष कृषि विभाग ने नौ हजार 400 क्विंटल गेहूं और 9 हजार 500 क्विंटल बीज मटर का दिया है। लेकिन बीजों की बिजाई किसान नहीं कर पा रहे हैं। हालांकि, नालागढ़ और बद्दी के क्षेत्रों में गेहूं की बिजाई का कार्य हो चुका है। लेकिन सोलन सहित अन्य क्षेत्र जो बारिश पर निर्भर है, गेहूं की बिजाई नहीं कर पा रहे हैं। यदि एक सप्ताह के अंदर अच्छी बारिश नहीं होती तो किसानों को रबी की फसलों में देरी भी हो सकती है।
जानकारी के अनुसार जिला भर के कुछ ऐसे क्षेत्र है जहां के अधिकतर किसान बारिश पर निर्भर हैं और वे एक माह से अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। बुधवार देर रात को बूंदाबांदी के बाद किसानों में बारिश की उम्मीद तो जगी लेकिन इस बारिश से मटर और गेहूं की बिजाई करने के लिए पर्याप्त नमी नहीं मिल सकी। इससे किसान खरीदे गए बीज को रोपने में अभी और समय लग सकता है। हालांकि एक अच्छी बारिश हो जाए तो उसके बाद किसान खरीदे गए बीज की बिजाई का कार्य कर सकते हैं। वहीं बुधवार को बूंदाबांदी से जिला भर में ठंड भी बढ़ गई है।
यहां इतने क्षेत्र में होती है मटर और गेहूं की बिजाई
जिला भर में 21 हजार 300 हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की बिजाई होती है। इसमें से अभी तक नालागढ़, बद्दी के क्षेत्रों में यह कार्य किया गया है जबकि जो क्षेत्र बारिश के उपर निर्भर है वहां पर अभी इसकी बिजाई नहीं की गई है। जिला में मटर की फसलें कुछ ही क्षेत्र में लगाई जाती है। इसमें सोलन, कंडाघाट सहित धर्मपुर में करीब 1300 हेक्टेयर भूमि पर मटर की फसल लगाई जाती है।
अच्छी नमी के बाद करें बिजाई का कार्य
जिला कृषि अधिकारी आरआर कौशल ने बताया कि कृषि विभाग का मटर बीज का पूरा स्टॉक जबकि गेहूं का अधिकतर बीज बिक चुका है। किसानों को सर्टिफाइड श्रेणी के बीज दिए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिन क्षेत्र में अच्छी बारिश हुई है वहां किसान मटर और गेहूं की बिजाई कर सकते हैं। जहां कम मात्रा में बारिश हुई है, वहां किसान अच्छी बारिश का इंतजार करें।