परवाणू (सोलन)। परवाणू के कार्यकारी अधिकारी सुधीर शर्मा को सोलन का अतिरिक्त कार्यभार सौंपे जाने से परवाणू के विकास कार्यों पर पूरी तरह से विराम लग गया है। लोगों में सरकार के इस निर्णय से भारी रोष है। लोगों का कहना है कि यदि परवाणू में नगर परिषद की आवश्यकता नहीं है तो इसे बंद कर दिया जाना चाहिए। कार्यकारी अधिकारी का ज्यादा समय सोलन व कोर्ट में ही गुजर रहा है। ऐसे में परवाणू के स्थानीय लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए 10-10 दिन तक अधिकारी का इंतजार करना पड़ता है।
परवाणू में कार्यरत जूनियर इंजीनियर (जेई) को सोलन का कार्यभार सौंप दिया गया है। इससे परवाणू नगर परिषद असहाय महसूस कर रही है। नगर परिषद अध्यक्ष ठाकुर दास ने बताया कि उन्होंने प्रदेश के शहरी विकास मंत्री सरवीण चौधरी से भी मुलाकात की है और उन्हें पत्र लिख कर अवगत भी करवा दिया है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि जल्द अपना फैसला वापस लें ताकि शहर के कार्य सुचारु रूप से चल सकें।