सोलन। चंबाघाट-कैंथलीघाट के बीच वन निगम ने पेड़ काटने का सिलसिला शुरू कर दिया है। 25 किलोमीटर लंबे मार्ग पर पहले चरण में 1250 पेड़ काटे जाने हैं। इसके बाद निजी भूमि में लगे पेड़ों को प्रशासन से मुआवजे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद काटा जाएगा। पेड़ों की कटिंग से पहले पैमाइश का काम पूरा कर लिया गया है। पेड़ों को काटने की वजह से कालका-शिमला नेशनल हाईवे पर चंबाघाट से कैथलीघाट के बीच जगह-जगह जाम लग रहा है। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
करीब 20-20 मिनट तक दोनों तरफ के ट्रैफिक को रोका जा रहा है। बड़ी संख्या में पर्यटकों की गाड़ियों के शिमला की तरफ जाने की वजह से जाम में भी 500 मीटर से भी लंबी कतारें सड़क पर लग रही हैं। अभी सोलन वन रेंज के अधीन सरकारी भूमि में आने वाले पेड़ों का कटान का कार्य शुरू किया गया है। इसमें चंबाघाट से कैथलीघाट तक कुल 1250 पेड़ों की बलि चढे़ेगी। इसे लेकर कार्य को तेज रफ्तार के साथ किया जा रहा है। लोगों को अब आगे होने वाले पहाड़ कटान से लगने वाले जाम की चिंता सताने लगी है। सोलन वन रेंज के बाद कंडाघाट वन रेंज के अंदर काम शुुरू किया जाएगा। इसके लिए अलग-अलग समय सारिणी रखी गई है।
जल्द ही काट लिए जाएंगे पेड़ : डीएफओ
वन मंडल अधिकारी आरएस जसवाल का कहना है कि 1250 पेड़ काटे जाने हैं। इसके लिए निगम को आदेश जारी कर दिए गए हैं। जल्द ही इन सभी पेड़ों को काटकर जमीन खाली कर दी जाएगी। जो पेड़ रह जाएंगे, उनकी अनुमति एसडीएम और राजस्व विभाग को देनी है। लोगों की निजी भूमि में बिना मुआवजा दिए पेड़ नहीं काटे जा सकते हैं।