सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल में फैले तारों के जंजाल से कभी भी बड़ी घटना हो सकती है। आलम यह है कि अस्पताल के विद्युत कक्ष के बाहर महीनों से तारें खुले में पड़ी हैं। इन तारों में शार्ट सर्किट होने के कारण अस्पताल में आग लगने की आशंका बढ़ रही है।
अस्पताल भवन के अंदर फैले तारों के जंजाल से विभाग बेखबर है। इसकी कोई सुध नहीं ले रहा है। सोलन अस्पताल में रोजाना हजारों लोग इलाज करवाने के लिए आते हैं। विभाग की लापरवाही लोगों पर भारी पड़ सकती है। जिला के सबसे बड़े अस्पताल में लोगों को बेहतर सुविधाएं न मिलने के बाद आग लगने की घटना का डर भी सताने लगा है। अस्पताल के दूसरी मंजिल में बिजली की तारों का खुले में जंजाल बना है। गौर रहे कि एक बार शार्ट सर्किट होने के बाद भी विभाग होश में नहीं आया है। कुछ महीने पहले रात को शार्ट सर्किट से आग लग गई थी। उस समय उस पर काबू पा लिया गया था।
विज्ञापन
अब फिर से अस्पताल में तारों के जंजाल बना है। हैरानी है कि तार रास्ते में खुले में हैं। इसके यहां से चलने वाले मरीजों को कभी भी करंट लग सकता है। लोगों का कहना है कि अस्पताल में इस तरह की लापरवाही विभाग को नहीं करनी चाहिए। इसके चलते अस्पताल में बड़ी घटना हो सकती है। कई महीनों से तार खुले में ही होने के कारण हादसे की आशंका है। इसके बावजूद विभाग ने इन्हें दुरुस्त करने की जहमत नहीं उठाई है।
इस बारे में चिकित्सा अधीक्षक महेश गुप्ता ने कहा कि तारों के जंजाल को ठीक करने के लिए बिजली बोर्ड को कहा गया है। 10 से 15 दिनों में इसे ठीक कर दिया जाएगा।