सोलन। ट्रांसपोर्ट नगर पर कथेड़ के लोग और कारोबारी आमने-सामने आ गए हैं। मुख्यमंत्री 14 अप्रैल को सोलन में ट्रांसपोर्ट नगर का शिलान्यास करेंगे। लेकिन इससे पहले लोगों ने कथेड़ में ट्रांसपोर्ट नगर बनाने का विरोध शुरू कर दिया है। यह विरोध ऐसे समय में हो रहा है जब फोरलेन की जद में आई मोटर मार्केट को उखाड़ने का काम शुरू हो चुका है। यहां से बेरोजगार होने वाले मैकेनिकों और कारोबारियों के पास दूसरा कोई साधन नहीं है।
लंबे समय से मोटर मार्केट के कारोबारी इसी उम्मीद में थे कि ट्रांसपोर्ट नगर के लिए प्रस्तावित जमीन के किनारे पर उन्हें काम करने का मौका मिलेगा। लेकिन बसाल पंचायत की यह जमीन कथेड़ वार्ड में आती है। शहर से सटे इस वार्ड में आबादी तेजी से बढ़ रही है। यहां रहे रहे लोगों में ट्रांसपोर्ट नगर को लेकर विरोध छिड़ गया है। विरोध के बीच दोनों तरफ बैठकों का दौर भी शुरू हो गया है। सोमवार को कथेड़ में बैठक कर स्थानीय लोगों ने ट्रांसपोर्ट नगर का विरोध जताया था दूसरी ओर मंगलवार को चंबाघाट में मोटर मार्केट के कारोबारियों ने बैठक कर ट्रांसपोर्ट नगर के निर्माण में आ रही अड़चनों को दूर करने पर चर्चा की। बैठक में मुख्य तौर कथेड़ के ग्रामीणों को मनाने के प्रयास और पंचायत ग्रामसभा में ट्रांसपोर्ट नगर के निर्माण पर सर्वसम्मति बनाने पर चर्चा हुई। इस बारे में पंचायत प्रधान से भी चर्चा करने का प्रस्ताव मोटर मार्केट कमेटी ने पास किया है।
ग्रामीणों को मनाने की करेंगे कोशिश : एसोसिएशन
मोटर मार्केट एसोसिएशन के प्रधान धीरज सूद ने बताया कि बैठक में सर्वसम्मति से कथेड़ के लोगों को मनाने का फैसला लिया है। ट्रांसपोर्ट नगर की वजह से कथेड़ के विकास को गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पंचायत प्रधान और उपप्रधान की अगुवाई में बैठक की जाएगी। इसमें इस मुद्दे के निर्विरोध निपटारे का प्रयास किया जाएगा।
ट्रांसपोर्ट नगर में बसाल पंचायत को दें दस दुकानें
बसाल पंचायत के प्रधान देवेंद्र कश्यप और उपप्रधान किरण ने बताया कि बसाल पंचायत की जमीन पर ट्रांसपोर्ट नगर बनता है तो इसका विरोध नहीं किया जाएगा। लेकिन ट्रांसपोर्ट नगर में दस दुकानें पंचायत को देनी होंगी। यह दुकानें पंचायत के अधीन रहेंगे तथा इनसे हासिल होनी वाली आय पंचायत के खाते में जाएगी। ट्रांसपोर्ट नगर 25 बीघा जमीन पर बनने जा रहा है और पूरी जमीन बसाल पंचायत की है।
घमासान के बीच चंबाघाट में चली जेसीबी
ट्रांसपोर्ट नगर में मचे घमासान के बीच एनएचएआई प्रबंधन ने अपना काम जारी रखा है। मंगलवार को जेसीबी की मदद से प्रबंधन ने चंबाघाट में कई कब्जे उखाड़ फेंके। चंबाघाट लगभग खाली हो गया है और इक्का-दुक्का लोगों को छोड़कर ज्यादातर पलायन कर गए हैं। मोटर मार्केट का 40 प्रतिशत हिस्सा मकान मालिकों ने खुद गिरा दिया था। बाकी हिस्से को जेसीबी की मदद से एनएचएआई प्रबंधन गिराने में जुटा है।