शहर और आसपास के गांवों में साठ फीसदी पानी की आपूर्ति करने वाली अश्वनी खड्ड से पेयजलापूर्ति पर रोक लगा दी हैै।
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शहर और आसपास के गांवों में साठ फीसदी पानी की आपूर्ति करने वाली अश्वनी खड्ड से पेयजलापूर्ति पर रोक लगा दी हैै। ऊपरी क्षेत्रों में भारी बारिश और बर्फबारी के कारण गाद की अधिकता से जलजनित रोगों की आशंका को देखते हुए यह निर्णय लिया है। प्रशासन ने अलर्ट जारी कर प्रतिबंध का कारण अश्वनी खड्ड के पानी में काफी मात्रा में गाद आना बताया है। लिहाजा जन स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने अश्वनी खड्ड से जलापूर्ति रोक दी है।
यह निर्देश आगामी आदेशों तक प्रभावी रहेंगे। ऐसे में लोगों को आने वाले दिनों में पेयजल संकट से गुजरना पड़ सकता है। उधर सोलन अस्पताल में पीलिया के रोगियों की दस्तक शुरू हो गई है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग इसे रूटीन बताकर पानी को कम से कम पंद्रह मिनट उबालकर पीने की सलाह दे रहा है। पिछले वर्ष भी इन्हीं दिनों सोलन को पीलिया ने जकड़ लिया था। रोगियों का आंकड़ा 500 तक पहुंच गया था, जिसके बाद अश्वनी पर रोक लगा दी थी। मामले में आईपीएच और नप के कुछ अधिकारियों पर केस भी दर्ज हुए थे, जिसकी चार्जशीट दायर हो गई है।
डीसी डॉ. राकेश कंवर ने सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग को नियमित तौर पर अश्वनी खड्ड के जल की गुणवत्ता जांचने के आदेश दिए हैं। साथ ही विभाग को सुचारु जलापूर्ति सुनिश्चित बनाने के निर्देश भी जारी कर दिए हैं। उधर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरके दरोच ने लोगों से कम से कम पंद्रह मिनट तक पानी उबालकर पीने की सलाह दी है। निर्देश मिले हैं कि विभिन्न अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाएं एवं अन्य साजो सामान की उपलब्धता सुनिश्चित बनाई जाए।
इमरजेंसी सेवाएं को सुचारु रखे विभाग
डीसी राकेश कंवर ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि जिले में दो-तीन दिनों में हुई बर्फबारी और वर्षा के दृष्टिगत विभिन्न नागरिक तथा आपातकालीन सेवाओं को सुचारु बनाए रखा जाए। सभी नागरिकों से आग्रह किया है कि लंबे सूखे मौसम के बाद हुई बर्फ बारी और वर्षा के दृष्टिगत लोग एहतियात बरतें तथा आवश्यकता पड़ने पर पास के स्वास्थ्य केंद्र अथवा अस्पताल से संपर्क करें। इस मौसम में पीलिया अथवा अन्य रोगों से एहतियात अपनाकर बचा जा सकता है। लोगों को सलाह दी कि वे कम से कम 15 मिनट उबालने के बाद ही पेयजल का उपयोग करें। जिले में आवश्यक दवाएं तथा क्लोरीन की गोलियां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि वे स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों के अनुरूप जल की शुद्धता के लिए क्लोरीन की गोलियां उपयोग
में लाएं।
बिजली, सड़कें और बस सेवाएं बहाल
डीसी ने बताया कि बर्फबारी और बारिश के कारण जिले के कुछ स्थानों पर विद्युत आपूर्ति बाधित हुई थी। अधिकांश स्थानों पर विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी है। चायल क्षेत्र में बर्फबारी के कारण बाधित विद्युत आपूर्ति को अब बहाल कर दिया है। कुछ क्षेत्रों में जल्द विद्युत आपूर्ति बहाल हो जाएगी। लोक निर्माण विभाग द्वारा विभिन्न मार्गों का रखरखाव सुनिश्चित बनाया जा रहा है। चायल क्षेत्र में बर्फबारी के कारण बाधित विभिन्न संपर्क मार्ग बहाल कर दिए हैं। उपायुक्त ने कहा कि जिले के सभी क्षेत्रों में हिमाचल पथ परिवहन निगम की सेवाएं सुचारु हैं। एसडीएम सोलन तथा कंडाघाट को निर्देश दिए हैं कि वे शिमला आने-जाने वाले पर्यटकों की आवाजाही को सुचारु बनाने के पर्याप्त प्रबंध करें। इस दिशा में पुलिस प्रशासन को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।